गोंडा। धोखाधड़ी और जालसाजी कर फर्जी वसीयतनामा पंजीकृत कराने के मामले में कोर्ट ने आरोपी की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी। जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी बसंत कुमार शुक्ला व अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता धनलाल तिवारी ने बताया कि मंजूलता त्रिपाठी निवासी सकाशीपुर थाना राजेसुल्तानपुर जिला अंबेडकरनगर ने अजीत तिवारी उर्फ अजीत त्रिपाठी निवासी सकाशीपुर नरवा पितंबरपुर जिला अंबेडकरनगर व तीन अन्य पर फर्जी वसीयतनामा पंजीकृत कराने का आरोप लगाते हुए तरबगंज थाने में 14 सितंबर 2011 को धोखाधड़ी और जालसाजी का मुकदमा दर्ज कराया था।
पुलिस ने साल 2012 में न्यायालय के समक्ष आरोप पत्र प्रस्तुत किया। साल 2013 में तत्कालीन पुलिस अधीक्षक के आदेश पर तरबगंज पुलिस ने अग्रिम विवेचना शुरू की। नौ साल बाद भी पुलिस विवेचना पूरी नहीं कर पाई तो बीते जनवरी में तत्कालीन अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम विश्वजीत सिंह ने अभियुक्तों के खिलाफ गैरजमानतीय वारंट जारी कर थानाध्यक्ष तरबगंज को अदालत में व्यक्तिगत रूप से हाजिर होकर तीन दिन में आख्या प्रस्तुत करने का आदेश दिया।
न्यायालय की सख्ती से पुलिस हरकत में आई और विवेचना पूर्ण कर अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। सुनवाई के दौरान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ब्रजेंद्र मणि त्रिपाठी ने आरोपी अजीत तिवारी उर्फ अजीत त्रिपाठी का अग्रिम जमानत प्रार्थनापत्र निरस्त कर दिया है।