गोंडा। जिले में आंधी व बारिश के चलते किसानों की कमर टूट रही है। जिले में करीब 200 हेक्टेयर फसलें प्रभावित हुई हैं। सबसे ज्यादा असर सरसों व गेहूं की फसलों पर पड़ा है। उधर, बारिश के चलते लोगों को परेशानी हुई। भीगते हुए लोग जाते दिखे।
महंगा डीजल, उर्वरक व मजदूरी से तैयार की गई फसल कटने से पहले ही खेतों में धराशायी हो गई है। जिससे पैदावार घटने का संकट बढ़ा है। मंगलवार देर शाम आई तेज आंधी से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच गई हैं। बारिश व आंधी के चलते सरसों व गेहूं की फसलें सबसे ज्यादा प्रभावित रहीं। तरबगंज के हंसराज पांडेय, उदय नरायन शुक्ला, शिवराम पांडेय व हरीश पांडेय ने बताया कि कटी फसल खेतों में पड़ी है। जहां पानी भर गया है। इससे काफी नुकसान हुआ है। गेहूं की फसल भी गिर गई है। गेहूं का भी उत्पादन प्रभावित होगा।
वजीरगंज क्षेत्र में पूरे दिन बदली छाई रही। शाम को लगभग 5 बजे काले बादलों ने पूरे आकाश को घेर लिया व तेज हवा चलने के साथ बरसात शुरू हो गई। किसानों की सरसों की फसल लगभग एक सप्ताह से खेतों में कटी पड़ी है। जैसे ही वह कुछ सूखती है कि वैसे ही फिर भीग जाती है। सरसों की फसल अब की बार घर तक नहीं आ पाएगी। आम की बागवानी अच्छी होने की उम्मीद थी लेकिन तेज हवाओं के चलते आम के बौर गिर कर पेड़ों के नीचे बिछ जाते हैं। जिला कृषि अधिकारी जेपी यादव का कहना है कि बारिश के तेज हवा और बारिश के चलते फसलों को ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है। सर्वे कराया जाएगा।
बाधित रही बिजली
बारिश के दौरान अजबनगर व चंदहा जाने वाली लाइन के तार धू-धूकर जलने लगे। लोगों ने विद्युत कर्मियों से संपर्क कर लाइन बंद कराई। पुन: फ्यूज बांधने पर दग गया। चड़ौवा से तार जलने की शिकायत आई। लाइन पुन: बंद करके वहां की खराबी को दूर कर आपूर्ति चालू की गई।