गोंडा। खेत में बकरी घुसने के विवाद में अपशब्द कहकर मारपीट और गैर इरादतन जानलेवा हमले के मामले में मंगलवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने तृतीय राजेश कुमार ने फैसला सुनाया। गैर इरादतन जानलेवा हमले में चार भाइयों को दोषी ठहराते हुए पांच साल के कारावास और 16 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। कोर्ट ने मारपीट में दोषी दूसरे पक्ष के दो भाइयों को दो साल के कारावास व छह हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
उमरी बेगमगंज के ग्राम गड़रियन पुरवा मौजा सोनौली मोहम्मदपुर निवासी सोहनलाल पाल ने थाने में केस दर्ज कराया। इसमें बताया कि 19 मई 2020 की रात आठ बजे खेत में घुसी बकरी को उन्होंने भगा दिया। इससे नाराज होकर गांव के राधेश्याम और उनके भाई हरिश्चंद्र, किशुन यादव व वासदेव यादव ने अपशब्द कहकर उन्हें और उनकी मां को लाठी-डंडे से पीट दिया। दोनों को चोटें आईं हैं। विवेचना में पुख्ता साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। ट्रायल के दौरान साक्ष्य के आधार पर न्यायालय ने चारों अभियुक्तों को दोषी करार दिया।
मंगलवार को मामले में निर्णय सुनाते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय राजेश कुमार ने राधेश्याम, हरिश्चंद्र, किशुन यादव व वासदेव यादव को दंडित किया।
इसी मामले में राधेश्याम ने मोहनलाल पाल, उनके भाई योगेश पाल और शीतला प्रसाद पर अपशब्द कहकर मारपीट करने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया था। पुलिस ने मोहनलाल पाल व योगेश पाल के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया। ट्रायल में साक्ष्य के आधार पर दोषी पाए गए मोहनलाल पाल व योगेश पाल को भी मंगलवार को न्यायालय ने सजा सुनाई।