यूपी के गोंडा में 13 साल पुराने हत्या के प्रयास के मामले में शनिवार को जिला सत्र न्यायाधीश दुर्ग नरायन सिंह ने फैसला सुनाया। न्यायालय ने नगर पालिका परिषद, गोंडा के पूर्व अध्यक्ष निर्मल श्रीवास्तव उर्फ रुपेश कुमार और त्रियुगी नारायण गुप्ता को 15 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोनों पर 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, मोतीगंज थाना के काजीदेवर निवासी वर्तमान जिला पंचायत सदस्य सुशील कुमार शुक्ला ने 11 सितंबर 2012 को पुलिस को तहरीर दी थी। आरोप लगाया था कि 10 सितंबर की रात उनके छोटे भाई गौरव शुक्ला पर बाइक सवार दो बदमाशों ने जानलेवा हमला किया था। हमले में गौरव गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
इस मामले में राजा मोहल्ला निवासी निर्मल श्रीवास्तव उर्फ रुपेश कुमार और रानी बाजार स्थित सुनार गली निवासी त्रियुगी नारायण गुप्ता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने विवेचना के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
लंबे विचारण के बाद अदालत ने अभियोजन के साक्ष्यों, गवाहों के बयान और परिस्थिति जन्य साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया। शनिवार को अदालत ने फैसला सुनाया। लगाए गए जुर्माने की आधी धनराशि पीड़ित गौरव शुक्ल को प्रतिकर के रूप में दिए जाने का आदेश दिया है। जिला पंचायत सदस्य सुशील शुक्ल ने कहा कि यह फैसला न्याय की जीत है।