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प्रशासन की अनुमति के बिना अब नहीं बंटेगा भोजन

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गोंडा। कोरोना संक्रमण को देखते हुए शासन की ओर से किये गये लॉकडाउन में गरीबों, जरूरतमंदों और असहायों को भोजन कराने वाले स्वयंसेवी संगठनों, एनजीओ तथा व्यक्तियों को निर्देश दिए हैं। अब ऐसे लोग जो शेल्टर होम में गरीबों को पका-पकाया भोजन का पैकेट बांटना या देना चाहते हैं वे कम्यूनिटी किचन के माध्यम से ही लोगों को भोजन मुहैया कराएं।
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डीएम डॉ. नितिन बंसल ने बताया है कि किचन का रजिस्ट्रेशन संबंधित थाना, तहसील या फिर नगर निकाय कार्यालय में आवश्यक रूप से कराना होगा। ये निर्णय शेल्टर होम में मौजूद लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा को देखते हुए लिया गया है।
जरूरतमंद लोगों के लिए रोजाना बनाए जा रहे भोजन, मेन्यू एवं किस क्षेत्र में किस समय के मध्य भोजन का वितरण किया जाएगा, इसकी सूचना जिले के राहत कंट्रोल रूम तथा संबंधित थानाध्यक्ष को देनी होगी। भोजन बांटने के पहले खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों की ओर से भोजन को चेक कर गुणवत्ता का सत्यापन किया जाएगा तभी उसका वितरण हो सकेगा।
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डीएम ने साफ तौर पर कहा है कि बिना प्रशासनिक अनुमति के जिले में किसी भी स्वयंसेवी संगठन अथवा व्यक्ति की ओर से यदि पके-पकाए भोजन का वितरण किया जाएगा तो उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
डीएम डॉ. नितिन बंसल ने कहा कि जो भी संस्था अथवा व्यक्ति भोजन वितरण कराना चाहता है या फिर कराता है, तो उसे भोजन वितरण की सूचना संबंधित एसडीएम व थानाध्यक्ष को भी देनी होगी। जिसकी मॉनीटरिंग अधिकारियों द्वारा की जाएगी।
अपर आयुक्त प्रशासन कमलेश कुमार सिंह ने शनिवार को बताया कि वर्तमान में कोविड -19 महामारी को देखते हुए मंडल स्तर पर कक्ष संख्या-22 में आपदा के प्रभावी पर्यवेक्षण हेतु स्थायी कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है। जिसका दूरभाष नंबर 05262-233163 व सीयूजी नंबर- 9454416030 व 9634292629 है। अपर आयुक्त ने बताया कि कंट्रोल रूम में सुबह छह बजे से दोपहर दो बजे तक और दोपहर दो बजे से रात 10 बजे तक तथा रात 10 बजे से सुबह छह बजे तक तीन शिफ्ट में अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
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