करनैलगंज में ड्रोन कैमरे से ली गई सरयू नदी की तस्वीर। - संवाद
गोंडा। सरयू नदी का जलस्तर सोमवार को एक बार फिर बढ़ने लगा है। इससे करनैलगंज में एलगिन-चरसड़ी तटबंध व नदी के तटवर्ती सात पंचायतों के 24 गांवों में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। वहीं, 26 अन्य गांवों को नदी निशाना बना रही है। तरबगंज तहसील में तटबंध न होने से नदी का पानी 22 पंचायतों के 145 गांवों के मुहाने तक पहुंच गया है।
सरयू नदी का जलस्तर बीते 24 घंटे में 20 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। वहीं, शनिवार को बैराजों से छोड़े गए करीब 2.90 लाख क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज हो रहा था। सोमवार को 2.75 लाख क्यूसेक पानी विभिन्न बैराजों से फिर छोड़ा गया। जो मंगलवार तक पहुंचने की संभावना है। सोमवार को नदी खतरे के निशान से 13 सेंटीमीटर दूर बची है। करनैलगंज तहसील की सात पंचायतों के 24 गांव के सामने बांध और नदी के बीच की दूरी खत्म होने वाली है। इसके बाद नदी की धारा सीधे बांध से टकराने लगेगी। सोमवार को नदी का जलस्तर 105.956 दर्ज किया गया। जो खतरे के निशान से मात्र कुछ सेंटीमीटर नीचे है।
बांध पर तैनात अवर अभियंता रवि वर्मा का कहना है कि अभी तक बाढ़ के पानी का फैलाव मैदानी इलाकों में हो रहा था। अब नदी बांध के समीप आ चुकी है। फिर भी बांध को किसी प्रकार का कोई खतरा नहीं है।
तरबगंज तहसील के बेलसर ब्लाॅक के ऐली परसौली पंचायत के अन्य गांवों में भी बाढ़ का संकट है। इसमें जबरनगर, गढ़ी पंचायतों के गांवों के साथ ही तरबगंज ब्लाॅक के बहादुरपुर, परास, ब्यौंदा माझा, बनगांव आदि पंचायतों के गांवों के निकट तक नदी का पानी पहुंच गया है। वहीं, नवाबगंज ब्लाॅक के दुर्गागंज माझा, तुलसीपुर माझा, साकीपुर, जैतपुर समेत एक दर्जन से अधिक पंचायतों के गांवों तक नदी का पानी पहुंच गया है। जिससे कभी भी बाढ़ की स्थिति गंभीर हो सकती है।