गोंडा। नवाबगंज थाना क्षेत्र में पांच साल पूर्व पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश ने दोषी पति को पांच साल कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी अभिनव चतुर्वेदी ने बताया कि नवाबगंज थाना क्षेत्र के बसनई बाजार मिर्जापुर निवासी लखनलाल केसरवानी ने 29 अगस्त 2018 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें कहा था कि कि उन्होंने अपनी बेटी जया केसरवानी की शादी चौक घंटाघर मोहल्ला पड़ाव निवासी वैभव गुप्ता उर्फ रिंकू के साथ की थी। लेकिन वैभव का किसी अन्य लड़की से संबंध था, जिसका बेटी जया विरोध करती थी। इसी कारण से वैभव आए दिन उसे प्रताड़ित कर मारता-पीटता था। प्रताड़ना से परेशान होकर बेटी जया ने फांसी लगाकर जान दे दी।
पुलिस ने विवेचना की और पुख्ता साक्ष्य मिलने पर आरोपी वैभव गुप्ता के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। ट्रायल के दौरान संदेह से परे साक्ष्य के आधार पर अदालत ने अभियुक्त वैभव गुप्ता पर दोष सिद्ध करार दिया। बुधवार को निर्णय सुनाते हुए अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय डाॅ. दीनानाथ तृतीय ने दोषी अभियुक्त को पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने के अपराध में पांच साल कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया।