बीज की बिकी में सब्सिडी ट्रांसफर योजना में लापरवाही बरतने के आरोप में जिला कृषि अधिकारी ने पांच बीज गोदाम प्रभारियों के खिलाफ उप कृषि निदेशक को निलंबन की संस्तुति भेजी है। इस कार्रवाई से बीज गोदाम प्रभारियों में खलबली मच गई है।
रबी सीजन में अलग-अलग फसलों के बीज की बिक्री कृषि बीज के गोदामों को की जा रही है। बीज की बिक्री डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर योजना के तहत की जा रही है।
इस योजना के तहत अब किसानों को बीज की कुल कीमत अदा करके बीज की खरीद करनी है। जबकि बीज की सब्सिडी किसानों के सीधे बैंक खाते में भेजी जा रही है।
बताया जाता है कि सब्सिडी की रकम किसानों के बैंक खाते में दस दिन के अंदर भेजी जानी चाहिए, लेकिन बीज गोदाम प्रभारियों की लापरवाही से तमाम किसानों के खाते में एक माह बाद भी सब्सिडी की रकम नहीं पहुंची।
इस बात का खुलासा शनिवार को डीएम अजय कुमार उपाध्याय की ओर से की गई विभागों की समीक्षा में हुआ। पता चला कि गोदाम प्रभारियों की लापरवाही से किसानों के खाते में बीज की सब्सिडी का ट्रांसफर नहीं हो सका।
इसकी जानकारी होने पर डीएम खफा हो गए और उन्होंने जिला कृषि अधिकारी से लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए कारण जाना और लापरवाहों पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
इस जिला कृषि अधिकारी ने मामले की जानकारी दी। इसके बाद डीएम के निर्देश के क्रम में उन्होंने पांच गोदाम प्रभारियों को निलंबित करने की संस्तुति डीडी कृषि को भेजी।
इस बाबत जिला कृषि अधिकारी विनय कुमार सिंह ने बताया कि बीज खरीद पर सब्सिडी ट्रांसफर योजना में जिले के मुजेहना, रुपईडीह, परसपुर, कटरा बाजार व हलधरमऊ ब्लॉक के गोदाम प्रभारियों ने लापरवाही की है।
इन कर्मचारियों ने किसानों का बिल समय से समिट नहीं किया, जिससे पांच ब्लॉकों के किसानों को योजना का लाभ समय से नहीं मिल सका।
उन्होंने बताया कि सभी पांचों ब्लॉक के गोदाम प्रभारियों के निलंबन की संस्तुति करके उप कृषि निदेश को भेजी गयी है। वहीं, इस बाबत उप कृषि निदेशक श्रवण कुमार का कहना है कि लापरवाह कर्मियों पर कार्रवाई की जाएगी।