गोंडा। कोरोना संक्रमण की रफ्तार धीमी पड़ रही है। लेकिन हर रोज कोरोना से मरने वालों की संख्या की संख्या में कमी नही हो रही है। शुक्रवार को कारोना संक्रमण की मार झेल रहें पांच लोगों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया तथा 20 नए कोरोना संक्रमित मिले।
कोरोना संक्रमण की रफ्तार में कमी जरूर आई है, लेकिन हर रोज कोरोना से हो रही मौतें स्वास्थ्य विभाग के साथ ही लोगों की चिंता बढ़ा रही है। आकड़ों पर नजर डालें तो पिछले कई दिनों से अस्पतालों में भर्ती करीब डेढ़ फीसदी लोग कोरोना से जंग हार जा रहे हैं। वहीं गांवों में भी सांस की समस्या से लोगों की मौत हो रही है। शुक्रवार को जारी रिर्पोट के अनुसार कोरोना सें पांच लोगों की मौत हो गई तथा 20 नए कोरोना संक्रमित पाए गए हैं।
वहीं वजीरगंज में ऑक्सीजन लेवल कम होने से एक युवक की मौत गई । बुखार व ऑक्सीजन लेवल घटने की दिक्कत के चलते क्षेत्र के चाईपुरवा निवासी एक युवक की गुरुवार देर शाम मौत हो गई।
परिजनों ने उसका अंतिम संस्कार कर दिया। परिजनों के अनुसार युवक रमाशंकर मौर्य(40)को बीते कई दिनों से बुखार व सास लेने में दिक्कत थी। वह वजीरगंज के एक झोला छाप चिकित्सक से अपना इलाज करा रहा था। जब उसका ऑक्सीजन लेवल घटकर 30 पर आ गया तथा तेज साँस फूलने लगी, तब उसे अन्यत्र इलाज कराने की सलाह दी गई।
परिजन गुरुवार शाम को उसे मनकापुर के एक होम्योपैथिक चिकित्सक के यहां ले गए। वहां से दवा करा कर आराम मिलने पर वापस घर ले आए। परिजनों के अनुसार ऑक्सीजन लेवल न बढ़ने व साँस फूलने के चलते उसकी देर शाम मौत हो गई। शव को शुक्रवार दोपहर को नवाबगंज के पटपरगंज घाट पर दफन कर दिया गया।
कोरोना टीका लगवाने के लिए जिलें में बुजुर्गों और दिव्यांगों को अब भटकना नहीं पड़ेगा। शहरी क्षेत्रों में उन्हें घर के नजदीक ही वैक्सीन लग जाएगी। जिसके लिए शहर में तीन दिवसीय विशेष कैंप लगाया जायेगा। टीकाकरण के लिए ऑनलाइन के साथ ही फोन पर भी पंजीकरण कराया जा सकता है।
एसीएमओं डॉ एपी सिंह ने बताया कि कोरोना टीकाकरण अभियान के तहत बुजुर्गों व दिव्यांग जनों को टीका लगाने के तीन दिवसीय विशेष शिविर लगाया जाएगा। रविवार,सोमवार व मंगलवार को लगने वाले विशेष कैंप में बुजुर्ग व दिव्यांग लोगों को उनके घर या कार्यालय के पास ही टीका लग सकेगा।
टीका लगवाने के इच्छुक व्यक्ति सीएमओं कार्यालय व अधिशाषी अधिकारी कार्यालय के नंबर पर फोन कर अथवा ऑनलाइन पंजीकरण करवा सकते हैं।
विशेष रूप से बनने वाले इन सेंटरों पर 60 साल से अधिक उम्र का कोई भी बुजुर्ग वैक्सीन की कोई भी डोज ले सकता है।
यानी यदि बुजुर्ग ने पहली डोज ले ली है तो उन्हें दूसरी डोज दी जाएगी और एक भी डोज नहीं लेने वाले को पहली डोज दी जाएगी। लेकिन दिव्यांगों के लिए उम्र की कोई सीमा नहीं रखी गई है। 18 साल से अधिक उम्र का कोई भी दिव्यांग यहां वैक्सीन ले सकता है।