गोंडा। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की एक बस से जुड़ी पांच महीने पुरानी शिकायत का निस्तारण आयुक्त की चेतावनी के बाद बुधवार को हो सका। आयुक्त शशि भूषण लाल सुशील ने राेडवेज के चालक-परिचालकों से जुड़ी एक शिकायत का निस्तारण न होने पर नाराजगी जताई थी।
आईजीआरएस पोर्टल पर देवेंद्र कुमार ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 1 जुलाई 2024 को कैसरबाग डिपो की रोडवेज बस से करनैलगंज आ रहे थे। परिचालक ने शासनादेश का हवाला देकर अभद्र भाषा का प्रयोग किया और चिलचिलाती धूप में करनैलगंज-गोंडा मार्ग पर निर्धारित स्थान से पहले ही उतार दिया। इस मामले का निस्तारण न होने पर जिलाधिकारी को आयुक्त ने कार्रवाई के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने शिकायतकर्ता, आरोपित परिचालक और परिवहन निगम के अधिकारियों को तलब किया। सभी ने अपनी बात रखी, अंत में परिचालक ने गलती स्वीकार कर भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति न करने का लिखित आश्वासन दिया। इसके साथ ही शिकायतकर्ता ने भी सहमति जताई। जिलाधिकारी ने मामले का निस्तारण कर आयुक्त को रिपोर्ट भेजी। आयुक्त ने कहा कि मामलों को कोई भी विभाग लंबित न रखें, समय से और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराएं।