जिले के तरबगंज व बेलसर क्षेत्र में रविवार को सरयू नहर कट गई। कटान होने से नहर का पानी आसपास के चार गांवों में फैल गया और यहां की करीब पांच सौ बीघा गेंहू, तंबाकू, सरसों,अरहर व मक्का की फसल पानी में डूबने से बर्बाद हो गई है। देर से पहुंचे सिचाई विभाग के एक जेई को गुस्साए ग्रामीणों ने खदेड़ दिया।
सिंचाई विभाग के अफसरों की लापरवाही से शनिवार की रात तरबगंज क्षेत्र में भी सरयू नहर की पटरी कट गई। सरयू नहर खण्ड प्रथम की इस नहर में शनिवार की रात में ही पानी छोड़ा गया था। इस कटान के बाद देखते ही देखते नगदही, तम्बकुही, लक्ष्मन पुरवा व रामापुर गांव का मजरा घर का पुरवा में पानी भर गया।
किसानों को सुबह नहर काटने की जानकारी हुई तो वहां हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने आनन फानन में इसकी सूचना सिंचाई विभाग के अफसरों को दी और खुद नहर का पानी रोकने में जुट गए लेकिन पानी का बहाव अधिक होने के कारण उन्हे सफलता नही मिली। इस कटान से किसानों की करीब पांच सौ बीघा फसल पानी में डूब गई।
किसान वंशराज, गंगा प्रसाद, जमुना प्रसाद, राम सरन, राम कुमार बिन्द्रा, सीता राम , छोटई , राम कुमार, जगदीश यादव, सुरेश सिंह, बेनी माधव, नरेन्द्र, चन्द्रिका, राम फेर, लालता प्रसाद, छोटेलाल जगदीश यादव, राजकुमार, रामप्रताप, मथुरा प्रसाद समेत सैकड़ो किसान प्रभावित हुए हैं।
इन किसानों की गेंहू, मक्का, सरसों, तंबाकू, अरहर व मटर की फसलें पानी में डूबकर पूरी तरह से बर्बाद हो गई हैं। उधर सूचना मिलने के बाद सिचाई विभाग के अवर अभियंता दो घंटे बाद मौके पर पहुंचे तो किसानों ने उनसे जेसीबी मशीन मंगाकर नहर को बंधवाने की मांग की।
लेकिन जेई ने मशीन मंगाने में हीलाहवाली की तो नाराज किसानों ने उन्हें वहां से खदेड़ दिया। इसके बाद लोगों ने खुद ही जेसीबी मशीन मंगाकर नहर को बांधा। तहसीलदार एसएन तिवारी ने बताया कि लेखपाल रामेश्वर तिवारी को गांव भेजा गया है।