गोंडा। देहात कोतवाली के उकरा गांव में शटरिंग श्रमिक इंद्रदेव की करंट की चपेट में आने से मौत के मामले में पत्नी की तहरीर पर पुलिस ने शटरिंग ठेकेदार व छह साथियों पर हत्या की एफआईआर दर्ज की है।
इटियाथोक के बेलवा बहुता के लोहारन पुरवा निवासी श्रमिक इंद्रदेव (35) की बृहस्पतिवार को देहात कोतवाली के उकरा गांव शटरिंग लगाते समय कटर मशीन के कटे तार से करंट लगने से मौत हो गई थी। शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचा तो परिजनों ने शटरिंग ठेकेदार और साथियों पर हत्या का आरोप लगाते एफआईआर दर्ज होने तक अंतिम संस्कार करने से इन्कार कर दिया। पुलिस ने देर शाम एफआईआर दर्ज कर परिजनों को कॉपी दी। इसके बाद परिजनों ने इंद्रदेव का अंतिम संस्कार किया। इंद्रदेव की पत्नी श्रीदेवी ने दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा कि वह अनुसूचित जाति की महिला हैं। उनके पति इंद्रदेव आठ साल से ठेकेदार पंकज उर्फ पेशकार निवासी बाबूराम मिश्रौलिया के यहां शटरिंग का काम करते थे। पंकज पर आठ हजार रुपये बकाया था। मांगने पर पंकज टालमटोल करते थे। 27 दिसंबर को रकम का तगादा करने पर ठेकेदार ने इंद्रदेव को गाली दी। इंद्रदेव ने थाने में शिकायत करने की बात कही तो ठेकेदार ने 31 दिसंबर को मजदूरी के पैसे देने के लिए अपने घर बुलाया, लेकिन वह नहीं गए। आरोप है कि 01 जनवरी को ठेकेदार पेशकार साथी आदित्य मिश्र व राजमन तिवारी निवासी नारेमहरीपुर के साथ उनके घर आए और हिसाब करने के बाद रकम देने की बात कहकर इंद्रदेव को साथ ले गए। रकम हड़पने की नीयत से इंद्रदेव की हत्या करके शव को उकरा गांव ले गए जहां शटरिंग का काम चल रहा था। वहां से चार मजदूरों की मदद से मेडिकल कॉलेज ले गए। वहां चिकित्सकों ने पति को देखते ही मृत घोषित कर दिया तो शव छोड़कर भाग निकले। देहात कोतवाल शमसेर बहादुर सिंह ने बताया कि ठेकेदार पंकज उर्फ पेशकार मिश्र, आदित्य मिश्र व राजमन तिवारी समेत सात लोगों के खिलाफ हत्या व एससी/एसटी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है।