गोंडा। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर शत्रु संपत्ति हथियाने के मामले में गृह मंत्रालय के आदेश पर शनिवार को नगर पालिका अध्यक्ष व सपा नेता उजमा राशिद के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली।
मामला शहर के रकाबगंज स्थित शत्रु संपत्ति से जुड़ी दो दुकानों का किरायेदार बनकर इन्हें अपने नाम कराने का है। डीएम नेहा शर्मा ने बताया कि गोंडा नगर पालिका परिषद अध्यक्ष उजमा राशिद के खिलाफ थाना नगर कोतवाली में शनिवार को एफआईआर दर्ज करा दी गई।
आरोप है कि नगर पालिका परिषद के दस्तावेज में कूट रचना कर अनियमित एवं अवैध तरीके से शत्रु संपत्ति को उजमा राशिद के नाम अंकित किया गया है। गौरतलब है कि संरक्षक शत्रु संपत्ति गृह मंत्रालय भारत सरकार नई दिल्ली के निर्देश पर जून 2023 में नगर पालिका अध्यक्ष उजमा राशिद के रकाबगंज स्थित आवास को सील करा दिया गया था। इस दौरान पता चला कि नगर पालिका परिषद गोंडा के शत्रु संपत्ति संबंधी दस्तावेजों से छेड़छाड़ की गई। अवैध तरीके से उजमा राशिद का नाम इन दस्तावेजों में दर्ज किया गया।
किरायेदार बनकर किया अवैध कब्जा
अधिकारियों ने बताया कि मामला गोंडा शहर के रकाबगंज में स्थित दुकान संख्या 15 और 16 से संबंधित है। यह शत्रु संपत्ति है। 1967 में देशभर की शत्रु संत्तियां संरक्षक शत्रु संपत्ति गृह मंत्रालय भारत सरकार नई दिल्ली के नाम हस्तांतरित कर दी गई थी। वर्ष 2020 में गोंडा के रकाबगंज स्थित इस शत्रु संपत्ति पर अवैध कब्जा किए जाने का प्रकरण सामने आया। गृह मंत्रालय के स्तर पर जांच कराई गई तो शत्रु संपत्तियों पर अवैध रूप से कब्जा किए जाने का खुलासा हुआ। जांच में सामने आया कि उजमा राशिद को वर्ष 2001-02 से इस संपत्ति का किरायेदार दिखाया गया है। इस संपत्ति का हस्तांतरण भी किया गया।
जानिए क्या है शत्रु संपत्ति
जो लोग बंटवारे, 1965 में और 1971 की लड़ाई के बाद पाकिस्तान चले गए और वहां की नागरिकता ले ली थी, उनकी सारी अचल संपत्ति शत्रु संपत्ति घोषित कर दी गई। पहली बार उन भारतीय नागरिकों को संपत्ति के आधार पर शत्रु की श्रेणी में रखा गया, जिनके पूर्वज किसी शत्रु राष्ट्र के नागरिक रहे हों।