तरबगंज। गौहानी गांव में सीबीएन मार्ग किनारे स्थित शत्रु संपत्ति की बेशकीमती भूमि को जालसाजी कर हड़पने के आरोप में कोर्ट के आदेश के 18वें दिन पुलिस ने आठ लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। हालांकि, कोर्ट के आदेश में आरोपी बनाए गए तत्कालीन एसडीएम का नाम एफआईअर में शामिल नहीं किया गया है। गौहानी निवासी अजय पांडेय व राजू सिंह की शिकायत पर सीजीएम कोर्ट ने चार अगस्त को तरबगंज पुलिस को 10 दिन के भीतर रिपोर्ट दर्ज कर जांच करने का आदेश दिया था। इसमें कहा गया कि देश विभाजन के दौरान गांव निवासी मोहम्मद यूसुफ, मोहम्मद याकूब और मोहम्मद हनीफ पाकिस्तान चले गए थे। उनके नाम दर्ज 0.138 हेक्टेयर भूमि को शत्रु संपत्ति घोषित किया जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
आरोप है कि चकबंदी के बाद कंप्यूटरीकृत खतौनी तैयार करने के दौरान कूटरचना और धोखाधड़ी कर भूमि गौहानी निवासी स्वामीनाथ, ओमप्रकाश व नरसिंह के नाम दर्ज करा दी गई। बाद में इसे बेच दिया गया।
मामले की शिकायत जुलाई 2024 में तहसील में की गई, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि तत्कालीन एसडीएम विश्वमित्र सिंह ने नोटिस जारी करने के बाद भी बिना तामील कराए 13 अगस्त 2025 को मामले का निस्तारण कर दिया। पुलिस ने आरआरके तरबगंज, तत्कालीन हलका लेखपाल, गौहानी निवासी नरसिंह, ओमप्रकाश व स्वामीनाथ, धौरहराघाट निवासी राजेश कुमार व रामदयाल तथा सिसई निवासी गीता देवी के खिलाफ जालसाजी समेत अन्य आरोपों में रिपोर्ट दर्ज की है।