गोंडा। बाराबंकी की गल्ला मंडी में तैनात लेखाकार सतीश यादव पर गंभीर आरोप लगा है। गोंडा की नवीन गल्ला मंडी में तैनाती के दौरान जरूरी पत्रावलियों को 10 महीने से अपने पास रखकर हेरफेर का आरोप लगने के बाद अब मंडी सचिव राजेश यादव ने कोतवाली नगर में तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की है।
मंडी सचिव ने बताया कि करीब चार वर्षों मंडी में किसी लेखाकार की तैनाती नहीं थी। जिसके कारण बाराबंकी के लेखाकार सतीश यादव को अतिरिक्त प्रभार देकर कार्य कराया जा रहा था। बीते मार्च 2025 लेखाकार शुभम शर्मा की तैनाती के बाद सतीश यादव का अतिरिक्त प्रभार हटा दिया गया, लेकिन उन्होंने गल्ला मंडी की पत्रावली नहीं लौटाई। इसमें रोकड़ रसीद, कैशबुक, चेक रजिस्टर, वाउचर पत्रावली सहित अन्य वित्तीय दस्तावेज शामिल हैं।
मंडी सचिव राजेश यादव ने बताया कि पत्रावली में मौजूदा वित्तीय स्थिति और लेनदेन से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज हैं। इनके अभाव में विभागीय कामकाज बाधित हो रहा है व जांच में भी मुश्किलें आ रही हैं। कई बार नोटिस लेकर पत्रावली जमा करने का निर्देश दिया गया, लेकिन अभी तक पत्रावली नहीं लौटाई गई।
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जांच मेें पकड़ी गई अनियमितता
मंडी प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए चार सदस्यीय जांच टीम गठित की थी। टीम ने अपनी रिपोर्ट उपनिदेशक प्रशासन, विपणन अयोध्या, नरेंद्र सिंह को सौंपी। रिपोर्ट में वित्तीय अनियमितता व अभिलेखों के हस्तांतरण में गड़बड़ी की पुष्टि हुई। इसके बाद अब कार्रवाई शुरू की गई है।