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Gonda News: एफआईआर की प्रति दाखिल करें अन्यथा कोर्ट में हाजिर हों मनकापुर इंस्पेक्टर

Tue, 02 Sep 2025 11:45 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
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गोंडा। विदेश राज्यमंत्री व गोंडा सांसद कीर्तिवर्धन सिंह व उनके सहयोगियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश के मामले में एमपी/एमएलए विशेष कोर्ट ने मनकापुर कोतवाल को एफआईआर की प्रति प्रस्तुत करने को कहा है। प्रति उपलब्ध नहीं कराने पर कोर्ट ने मनकापुर कोतवाल को आगामी आठ सितंबर को हाजिर होकर कारण स्पष्ट करने का आदेश दिया है।
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मनकापुर क्षेत्र के ग्राम भिटौरा निवासी अजय सिंह ने न्यायालय में प्रार्थनापत्र दिया था। इसमें उन्होंने पत्नी मनीषा सिंह के नाम खरीदी गई 16 डिसमिल जमीन का तीन साल पुराने स्टांप पर बैकडेट में कथित महिला मिथलेश रस्तोगी निवासी जवाहर नगर व शेष भूमि कांती सिंह निवासी ग्राम बेनीपुर के नाम दोबारा बैनामा कराने का आरोप लगाया था। इस मामले में दर्ज केस को लेकर दबाव बनाने का भी आरोप लगाया था। इस पर 11 अगस्त 2025 को विशेष न्यायालय एमपी/एमएलए/सिविल जज सीनियर डिवीजन अपेक्षा सिंह ने मनकापुर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक को विदेश राज्यमंत्री सहित अन्य आरोपियों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने और 15 दिन में अनुपालन आख्या प्रस्तुत करने का आदेश दिया था। इस आदेश के खिलाफ कीर्तिवर्धन सिंह की ओर से दाखिल निगरानी वाद को सत्र न्यायालय ने स्वीकार कर लिया है। इस पर 20 सितंबर को सुनवाई होनी है।
इधर, 28 अगस्त को वादी अजय सिंह ने कोर्ट में प्रार्थनापत्र देकर आदेश का अनुपालन कराने की याचना की। कोर्ट के आदेश के बावजूद पुलिस ने आख्या नहीं प्रस्तुत की। मामले में सोमवार को सुनवाई के दौरान विशेष न्यायालय एमपी/एमएलए/सिविल जज सीनियर डिवीजन अपेक्षा सिंह ने प्रभारी निरीक्षक को एफआईआर दर्ज कर उसकी प्रति प्रस्तुत करने का आदेश दिया। ऐसा न करने पर आगामी आठ सितंबर 2025 को कोर्ट में उपस्थित होकर उन्हें कारण स्पष्ट करना होगा।
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गैंगस्टर एक्ट के आरोपी जिला पंचायत सदस्य का संपत्ति रिलीज का प्रार्थनापत्र खारिज
गोंडा। नवाबगंज के ग्राम दुर्गागंज माझा निवासी और नवाबगंज द्वितीय क्षेत्र से जिला पंचायत सदस्य इंदल यादव के खिलाफ पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की थी। इसी क्रम में तत्कालीन जिला मजिस्ट्रेट ने 13 मई 2022 को आरोपी और उसके परिजनों की संपत्ति कुर्क करने का आदेश दिया था। संपत्ति को मुक्त कराने के लिए आरोपी ने न्यायालय में प्रार्थनापत्र दिया, लेकिन वह संपत्ति अर्जित करने के स्रोत के बारे में पुख्ता साक्ष्य नहीं दे सका। सुनवाई के दौरान विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट नम्रता अग्रवाल ने इंदल यादव के रिलीज प्रार्थनापत्र को निरस्त कर दिया। (संवाद)
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