गोंडा। इंफ्लुएंजा एच3एन2 (हांगकांग फ्लू) की सुगबुगाहट के बीच जिले में मौसमी बीमारियों का कहर बढ़ता जा रहा है। सर्दी-खांसी, वायरल बुखार, डायरिया और टाइफाइड के मरीजों से अस्पताल फुल हैं। शरीर में दर्द, कंपकंपी के साथ आ रहा तेज बुखार लोगों की सेहत इस कदर कमजोर कर रहा है कि अस्पताल में भर्ती करना पड़ रहा है। अस्पताल में पिछले कुछ दिनों से मरीजों की संख्या में 50 फीसद तक इजाफा हुआ है। दूसरी ओर मौसम जनित बीमारियों का प्रकोप ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहा है। घर-घर में कोई न कोई बीमार पड़ा इलाज करवा रहा है। सीएचसी व पीएचसी पर डॉक्टरों की उचित व्यवस्था न होने से गांव के लोग झोलाछाप से इलाज करवा रहे हैं। उधर, सरकारी अस्पतालों में जांच ठप होने से फायदा निजी जांच सेंटर के लोग उठा रहे हैं।
सावधानी बरतें, सैनिटाइजर प्रयोग करें
- मौसम के बदलाव के कारण बीमारियां बढ़ी हैं। वायरल संक्रमण को रोकने के लिए सावधानी बरतना बहुत जरूरी है। घर से निकलते समय मास्क जरूर लगाएं। सैनिटाइजर का प्रयोग करें। हाथों को साबुन व हैंडवॉश से नियमित साफ करते रहें। सर्दी-जुकाम से पीड़ित मरीजों के संपर्क में आने से बचें। छींक या खांसी आते समय मुंह पर रूमाल अवश्य रख लें।
- डॉ. कुलदीप पांडेय, वरिष्ठ परामर्शदाता जिला अस्पताल