प्रदेश सरकार के पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन न कराने वाले किसानों को रबी सीजन में बीज लेने या फिर किसी भी योजना की सब्सिडी का लाभ नहीं मिल सकेगा। शासन ने इसके लिए गाइड लाइन जारी कर जरूरी निर्देश दिए हैं।
कृषि विभाग के प्रमुख सचिव अमित मोहन प्रसाद ने सभी जिला प्रमुखों व कृषि विभाग के अफसरों को जारी शासनादेश में स्पष्ट कर दिया है कि शासन की ओर से संचालित योजना की सब्सिडी केवल पंजीकृत किसानों के ही खाते में जाएगी।
उन्होंने अनुदान का लाभ अधिक से अधिक किसानों को मिल सके, इसके लिए ज्यादा से ज्यादा किसानों का पंजीयन कराने का निर्देश दिया है।
इस तरह पंजीयन कराने वाले करीब जिले के 36 हजार किसानों को इसका फायदा मिल सकेगा। रबी सीजन में सब्सिडी के डीबीटी का लाभ उन्हीं किसानों को मिलेगा जो 19 अगस्त से 20 सितंबर 2015 तक पंजीकरण करा लेंगे। बिना पंजीयन वाले किसानों को सब्सिडी का लाभ नहीं मिलेगा।
जिले में कुल तीन लाख 53 हजार किसान हैं। जिले को 88 हजार किसानों को पंजीकरण करने का लक्ष्य है। इस बार रबी सीजन में डीबीटी के तहत बीज आदि खरीद करने पर करीब 36 हजार किसानों को लाभ मिलने की कृषि विभाग उम्मीद कर रहा है।
खरीफ सीजन में पांच हजार किसानों को डीबीटी का लाभ नहीं मिला है। कृषि विभाग ने मौजूदा खरीफ सीजन पंजीकृत किसानों के अनुदान पर बीज की खरीदारी करने पर 84 लाख रुपये की सब्सिडी किसानों के बैंक खाते में ट्रांसफर की थी।
जिसमें से पांच हजार किसानों के बैंक खाते अपडेट चालू न होने से 11 लाख रुपये बैंकों से वापस आ गए। तमाम ऐसे किसानों ने बीज के लिए पंजीकरण कराने में अनुदान के लिए ऐसे बैंक खाते दे रखे थे जो बंद थे। ऐसे में उनके खातों में अनुदान की रकम हस्तांतरित नहीं हो सकी।
अब किसी भी किसान को बिना पंजीकरण कराए रबी सीजन में अनुदानित बीज नहीं मिल सकेगा। सरकार की ओर से संचालित किसी भी योजना की सब्सिडी केवल उन्हीं किसानों को मिलेगी जो तय समय सीमा 19 अगस्त से 20 सितंबर तक पंजीयन करा देंगे। किसानों को चाहिए कि वे अपना बैंक खाता वही फीड कराएं जिसे वह बराबर संचालन कर उसमें लेनदेन कर रहे हों। - श्रवण कुमार, उप कृषि निदेशक गोंडा