खाद लेने के लिए कतार में खड़े लोग।
बभनान/धानेपुर/ दुबहा बाजार/ मसकनवा/ गोंडा। जिले में यूरिया का संकट लगातार गहराता जा रहा है। धान की फसल के लिए सबसे अहम समय पर किसानों को खाद नहीं मिल पा रही है। सहकारी समितियों पर सुबह से ही किसानों की लंबी कतारें लग रही हैं लेकिन भीड़ के कारण कुछ ही देर में स्टॉक खत्म हो जा रहा है।
किसान खाली हाथ लौटने को मजबूर हैं। बभनान क्षेत्र की साधन सहकारी समिति सिसई रानीपुर में मंगलवार को सुबह से ही यूरिया के लिए किसानों की भीड़ उमड़ पड़ी। दोपहर तक वितरण शुरू नहीं हो सका। किसानों को बताया गया कि ई पॉस मशीन के खराब होने की वजह से खाद नहीं बांटी जा सकती। इससे कई किसान निराश होकर लौट गए।
किसान श्यामसुंदर यादव, रामप्रसाद व रघुवंश ने बताया कि समय पर यूरिया नहीं मिलने से धान की फसल प्रभावित होने लगी है। समिति सचिव बृजेंद्र शर्मा ने बताया कि सोमवार को मिले आवंटन में से करीब 500 बोरी यूरिया वितरित की जा चुकी है। मशीन ठीक होते ही शेष किसानों को खाद उपलब्ध करा दी जाएगी।
धानेपुर के माधवगंज समिति पर भी हालात अलग नहीं रहे। किसान भोर चार बजे से ही लाइन में लग गए थे। करीब तीन घंटे बाद वितरण शुरू हुआ। कई किसानों को घंटों इंतजार के बाद भी खाद नहीं मिल सकी। समिति सचिव दिवाकर तिवारी ने बताया कि 698 बोरी यूरिया का वितरण किया गया। 68 बोरी खाद शेष बची है।
यूरिया की उपलब्धता की मांग
मसकनवा। भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष दीपक वर्मा ने मुख्य विकास अधिकारी को ज्ञापन भेजकर जिले की सभी समितियों पर पर्याप्त यूरिया उपलब्ध कराने की मांग की है। कहा कि यदि पांच दिनों के भीतर व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो किसान यूनियन धरना-प्रदर्शन करेगा।