पेहर बाजार में खेत की सिंचाई में पानी की किल्लत को लेकर गुरुवार को किसानों का आक्रोश भड़क उठा। शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए किसानों ने जमकर हंगामा किया। मौक पर पहुंचे सिंचाई विभाग के जेई के समझाने-बुझाने पर किसान शांत हो गए।
खेतों में लगी धान की सूख रही फसलों को लेकर किसान आक्रोशित हैं। किसानों का आरोप है कि नहर में पानी न छोड़े जाने से सिंचाई का संकट गहराया है। किसानों ने ट्यूबवेल ऑपरेटर पर मनमानी करने का आरोप लगाया है।
उतरौला ब्लॉक के ग्राम जोगीडीह के किसान पप्पू वर्मा, राम सजन, वंशीलाल, मनोज कुमार, दीनानाथ वर्मा आदि ने गुरुवार को ट्यूबवेल ऑपरेटर की मनमानी के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए किसानों ने कहा कि नहर में पानी छोड़े जाने के लिए ऑपरेटर से करीब 20 दिनों से आग्रह किया जा रहा है।
ऑपरेटर जान-बूझकर किसानों को झांसा दे रहा है। ऑपरेटर की मनमानी के चलते खेतों में लगी धान की फसल पूरी तरह से सूखकर बर्बाद हो गई है। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे सिंचाई विभाग के जेई श्रवण कुमार ने किसानों को समझा-बुझाकर शांत कराया।
किसानों ने ऑपरेटर के खिलाफ कार्रवाई किए जाने और नहर में तत्काल पानी छोड़े जाने की मांग की। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि तीन दिन के अंदर नहर में पानी नहीं छोड़ा गया तो डीएम कार्यालय का घेराव कर उग्र प्रदर्शन किया जाएगा। जेई ने बताया कि कई जगहों पर नहरें कट गई हैं। मरम्मत कराया जा रहा है। शीघ्र ही नहर में पानी छोड़ा जाएगा।