पिछले चार दिनों से जिले में सक्रिय हुए मानसून ने जहां किसानों में जोश भर दिया है वहीं कीचड़ व जलभराव के चलते नगरों तथा बाजारों की दशा दयनीय हो गई है। किसानों ने धान की रोपाई का काम तेज कर दिया है। खेतों में पर्याप्त नमी के चलते मक्का व दलहनी फसलों की बोआई भी किसान करने लगे है। बारिश के कारण जिले की प्रमुख फसल गन्ने को काफी फायदा हुआ है।
विदित हो कि पिछले चार दिनों से जिले में मानसून की बारिश हो रही है। आसमान में अठखेलियां कर रहे बादलों से गिर रही फुहार ने जहां लोगों को गर्मी से राहत दी है वहीं किसान काफी उत्साहित दिख रहे हैं। खेतों में धान की रोपाई कर रही महिलाएं मंगलगीत गा रही हैं।
जिले के असिंचित इलाकों में किसानों ने खेती में धान के साथ-साथ मक्का तथा दलहनी फसलों की बुवाई भी शुरू कर दी है। किसान मेहताब खां, राम सूरत वर्मा, अनोखीलाल व मुस्तकीम आदि ने बताया कि गत वर्ष बाढ़ व बेमौसम बारिश के चलते किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ा था। इस साल शुरुआत में हुई अच्छी बारिश के चलते ऐसी संभावना दिख रही है कि किसान एक बार फिर खुशहाल होंगे।
बारिश के चलते नगरों व बाजारों का बुरा हाल है। जगह-जगह जलभराव व कीचड़ के चलते लोगों का चलना दूभर हो गया है। जलनिकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण सड़कें तालाब बन गई हैं। सड़क का गंदा पानी व कीचड़ लोगों की दुकानों व घरों में भर रहा है।
सबसे बुरा हाल बलरामपुर, उतरौला, तुलसीपुर व पचपेड़वा नगर का है। इसके अलावा हरैया सतघरवा, गैसड़ी, मथुरा बाजार, रेहरा बाजार, श्रीदत्तगंज, महदेइया व सादुल्लाहनगर बाजार की सड़के कीचड़ व पानी से लबालब भर गई है। नगर व बाजारों में सड़कों पर भरा पानी निकलवाने की मांग नगर व बाजारवासियों ने प्रशासन से की ह्रै।