खरगूपुर। गन्ने के खेत में पशुओं के लिए चारा काटने गए दो किसान भाइयों पर मंगलवार दोपहर अचानक वनरोज ने हमला कर दिया। इससे दोनों भाई घायल हो गए। दोनों को सीएचसी पहुंचाया गया, मगर छोटे भाई की रास्ते में ही मौत हो गई।
छिटनापुर के शिवसहाय पुरवा निवासी सियाराम वर्मा ने बताया कि वह अपने छोटे भाई रामसागर वर्मा (43) के साथ मंगलवार दोपहर घर से करीब एक किलोमीटर दूर गन्ने के खेत में पशुओं के लिए चारा काटने गए थे। अचानक वनरोज ने उन पर हमला कर दिया। जान बचाने के लिए वह हंसिया छोड़कर भागे। पास में ही चारा काट रहे छोटे भाई रामसागर ने घर जाने के लिए कहा और वह खुद हंसिया लेने खेत में चले गए। तभी वनरोज ने रामसागर पर भी हमला कर दिया।
गांव के ननकऊ वर्मा ने बताया कि वह कुछ महिलाओं के साथ चारा लेने गए थे। वनरोज के हमले की जानकारी मिलने पर दोनों भाइयों को खेत से घर लाया गया। परिजन उन्हें सीएचसी खरगूपुर ले गए। अधीक्षक डॉ. श्वेता त्रिपाठी ने बताया कि सीएचसी पहुंचने से पहले ही रामसागर की मौत हो चुकी थी। सियाराम का प्राथमिक उपचार किया गया है।
रामसागर की मौत से मां पार्वती, पत्नी बिट्टा देवी और बेटे विपिन का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है।
सीओ सिटी योगेंद्र सिंह ने बताया कि सूचना पर खरगूपुर पुलिस को मौके पर भेजा गया था। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
अचलपुर में पकड़ा गया हमलावर वनरोज
कटरा वन रेंज के रेंजर इमरान अहमद ने बताया कि घटना के बाद नौ वनकर्मियों की टीम लगाई गई थी। हमलावर वनरोज को बुधवार को अचलपुर गांव के पास गन्ने के खेत से पकड़ लिया गया। उसे जांच के लिए पशु चिकित्सालय भेजा गया है।
आश्रित को चार लाख की सहायता का प्रावधान
आपदा विशेषज्ञ राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि वन्यजीव के हमले में मृत्यु होने पर मृतक के आश्रित को आपदा राहत कोष से चार लाख रुपये की सहायता देने का प्रावधान है। क्षेत्रीय लेखपाल की रिपोर्ट के आधार पर सहायता राशि दी जाएगी।
रामसागर वर्मा की फाइल फोटो और बिलखते परिजन। संवाद
रामसागर वर्मा की फाइल फोटो और बिलखते परिजन। संवाद