शादी के लिए पैसा न मिलने से नाराज एक परिवार मंगलवार को इलाहाबाद बैंक के सामने अनशन पर बैठ गया। परिवारीजनों ने बैंक प्रबंधक पर शादी के लिए निर्धारित राशि न देने का आरोप लगाया। मामले को तूल पकड़ता देख बैंक प्रबंधक ने पैसा देने का आश्वासन देकर उन्हें शांत कराया।
नगर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला चिकनी निवासी विलकीस, बेटी कहकशा व पुत्र शेरु के साथ मंगलवार को इलाहाबाद बैंक की मुख्य शाखा के सामने अनशन पर बैठ गया। विलकीस का आरोप है कि उसकी बड़ी बेटी रुबी की शादी 15 दिसंबर को होनी है।
बैंक अकाउंट में पैसा होने के बावजूद प्रबंधक काफी दिनों से कैश देने में आनाकानी कर रहे हैं। प्रबंधक के इस रवैये के चलते पूरा परिवार 20 दिनों से बैंक का चक्कर काट रहा है। सात दिसंबर को तहसील सभागार में आयोजित जिला स्तरीय तहसील दिवस के दौरान विलकीस ने डीएम से भी शादी के लिए पैसा भुगतान कराने की गुहार लगाई।
डीएम राम विशाल मिश्र ने लीड बैंक प्रबंधक को प्रकरण सुलझाने तथा विलकीस को 75 हजार रुपये उपलब्ध कराने का निर्देश बैंक प्रबंधक को दिया। डीएम के निर्देश के पांच दिन बाद भी विलकीस को बेटी की शादी करने के लिए उनके अकाउंट से पैसा नहीं दिया गया।
बैंक प्रबंधक के इस रवैये से खफा विलकीस के परिवार ने अनशन शुरू कर दिया। मामले को तूल पकड़ता देख इलाहाबाद बैंक के प्रबंधक वीरेंद्र कुमार ने शीघ्र कैश उपलब्ध कराने का आश्वासन देकर उन्हें शांत कराया। प्रबंधक का कहना है कि कैश की कमी से विलकीस को अकाउंट से पैसा देने में दिक्कत आ रही थी।
कैश की व्यवस्था कराई जा रही है। लीड बैंक प्रबंधक आरवीएस राजपूत ने बताया कि डीएम के निर्देश का अनुपालन कराया जा रहा है। शादी-विवाह के कार्यक्रमों में आरबीआई से ढाई लाख रुपये तक निकालने की सुविधा है। विलकीस को शादी के लिए तत्काल पैसा उपलब्ध कराने का निर्देश प्रबंधक को दिया गया है।