गोंडा। कोतवाली देहात के ठोरहंस निवासी रामचंद्र बुधवार को पत्नी, बहू और बच्चों संग कलेक्ट्रेट के आश्रय स्थल में धरने पर बैठ गए। वे बेटे रामकरन की मौत के मामले में नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी और धाराएं बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
रामचंद्र ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर परिवार की सुरक्षा की गुहार लगाई है। उन्होंने बताया कि दो जुलाई की रात बेटे रामकरन के साथ मारपीट कर जान से मारने का प्रयास किया गया था। उसे जिला अस्पताल और फिर निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस उपाधीक्षक शहर ने पांच जुलाई को रामकरन का मृत्यु पूर्व बयान दर्ज किया था। इसके आधार पर पुलिस ने चार नामजद आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की और एक को जेल भेजा। परिजनों का आरोप है कि जेल से बाहर आए आरोपी उन्हें धमका रहे हैं।
पुलिस उपाधीक्षक शहर योगेंद्र सिंह ने बताया कि शव परीक्षण रिपोर्ट में चोट की पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने परिजनों के मिलीभगत के आरोप को निराधार बताया और कहा कि विसरा सुरक्षित रखा गया है।