गोंडा। महाराजा देवीबख्श सिंह चिकित्सा महाविद्यालय में बैचलर ऑफ मेडिसिन एंड बैचलर ऑफ सर्जरी (एमबीबीएस) के पहले सेमेस्टर की पढ़ाई के लिए जरूरी फैकल्टी पूरी हो गई है। शुक्रवार को प्राचार्य की ओर से नेशनल मेडिकल काउंसिल में फिर अपील की जाएगी। जरूरी मानक पूरे होने के कारण एलओपी (लेटर ऑफ परमीशन) मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
सर्किट हाउस के पास 282 करोड़ की लागत से बने मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की 100 सीटों पर पढ़ाई शुरू होने की संभावना बढ़ गई है। एमबीबीएस के प्रथम समेस्टर में तीन प्रमुख विषय एनाटॉमी, बायोकेमिस्ट्री व फिजियोलॉजी की पढ़ाई होनी है। एनएमसी टीम के निरीक्षण के बाद लेटर ऑफ परमीशन न देने से हाथ खड़े कर दिए थे। इसको लेकर प्राचार्य ने एनएमसी एक्ट-19 की धारा 28 (5) के तहत अपील की थी। इसकी सुनवाई करते समय काउंसिल के सदस्यों ने सिर्फ एक समेस्टर के लिए जरूरी फैकल्टी पूरी करने के निर्देश दिए थे। लेकिन जिले के मेडिकल कॉलेज को एनाटॉमी विषय के लिए जरूरी फैकल्टी भी नहीं मिल पाई।
चार अगस्त को एनाटॉमी के प्रोफेसर की तैनाती हो गई है। अब मानक पूरे होने के साथ शुक्रवार को प्राचार्य की ओर से फिर अपील की जाएगी। अपील के बाद दो से चार दिन के भीतर सुनवाई की जाएगी। इसके बाद लेटर ऑफ परमीशन मिल सकता है।
पहले सेमेस्टर के लिए जरूरी फैकल्टी पूरी
पहले समेस्टर को पढ़ाने के लिए जरूरी फैकल्टी पूरी कर ली गई है। यहां भी एनाटॉमी में रिक्त एक पद पर प्रोफेसर की नियुक्ति हो गई है। इस बार अपील करने के बाद एलओपी मिलने की पूरी उम्मीद है। -डॉ. धनंजय श्रीकांत कोटास्थाने, प्राचार्य