गोंडा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से क्षयरोग उन्मूलन के लिए ऐड़ी-चोटी का जोर लगाने का दावा किया जा रहा है। जनजागरूकता के लिए हर महीने सरकारी रुपये फूंके जा रहे हैं। लेकिन हकीकत कुछ और ही है। एक तरफ जहां टीबी मरीजों के लिए लाइफलाइन मानी जाने वाली साइक्लोसिरिन दवा महीनों से खत्म है। वहीं, दूसरी ओर सीएमओ कार्यालय व टीबी यूनिट के बगल बड़ी संख्या में टीबी की दवाएं व किट कूड़ेदान में पड़ी मिलीं। समय से बांटे न जाने के कारण टैबलेट व किट एक्सपायर हो चुकी हैं। जबकि टीबी मरीजों को बाहर से महंगी दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं।
एक्सपायर दवाएं कितनी संख्या में हैं इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। जिला क्षयरोग अधिकारी डॉ. जय गोविंद ने बताया कि लखनऊ से ही एक्सपायरी दवाएं आ रही हैं, जिसको बहुत प्रयास के बाद भी खपाया नहीं जा सका। अब इन दवाओं को नियमानुसार निस्तारित किया जाएगा।