गोंडा। विभागीय स्तर पर भुगतान किए जाने के बावजूद कार्यदायी संस्था से जुड़े ठेकेदारों द्वारा 9.92 करोड़ की रॉयल्टी राशि हड़पने का मामला सामने आया है। लोक निर्माण , सिंचाई और जिला पंचायत विभाग समेत जिले में संचालित कई अन्य विभागों के ठेकेदारों ने अवैध रवन्ना (ट्रांजिट पास) के सहारे निर्माण सामग्री का इस्तेमाल कर संबंधित विभाग से भुगतान प्राप्त कर लिया। लेकिन खनन विभाग के खाते में जमा कराई जाने वाली नौ करोड़ रुपये से अधिक की बकाया रॉयल्टी राशि अभी तक जमा नहीं की है।
खान अधिकारी डॉ. अभय रंजन ने बताया कि निर्माण के लिए नामित कार्यदायी संस्था के लिए संबंधित विभाग के माध्यम से निर्माण में गिट्टी, मौरंग, बालू आदि उपयोग की जाने वाली सामग्री का ब्योरा ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज कराना अनिवार्य है। इसके लिए सभी विभागों की ओर से पोर्टल पर ठेकेदारों की ओर से दी गई जानकारी अपलोड की गई है।
वर्ष 2021-22 से मार्च 2026 तक पोर्टल के माध्यम से उत्तर प्रदेश हाउसिंग एंड डेवलपमेंट बोर्ड सीडी-अयोध्या, यूपी सिडको, लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड, निर्माण खंड-एक व दो, सिंचाई देवीपाटन मंडल, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, उत्तर प्रदेश निर्माण एवं श्रम विकास महासंघ, जिला पंचायत, राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद निर्माण इकाई आदि विभागों के ठेकेदारों ने 9.92 करोड़ बकाया रॉयल्टी का भुगतान नहीं किया। इसके बावजूद भी विभागों ने संबंधित ठेकेदारों को पूरा भुगतान कर दिया है। ठेकेदार वर्षों से करोड़ों रुपये दबाए बैठे हैं। इस मामले में जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने सभी विभागों के अधिशासी अभियंता, अधीक्षण अभियंता, अपर मुख्य अधिकारी को नोटिस जारी कर तीन दिन में ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करके लिखित जवाब देने का निर्देश दिया है।