खेतों में कटान करती सरयू नदी। -संवाद
बहुवन मदार माझा गांव के सामने बांध के करीब पहुंची नदी, संकट बढ़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
करनैलगंज (गोंडा)। सरयू का जलस्तर जैसे-जैसे घट रहा है लगातार काटन बहुत तेज हो गई है। बीते 24 घंटे में 600 एकड़ से अधिक खेती योग्य भूमि नदी ने काट डाला है। नदी लगातार कटान कर रही है। तेजी से हो रही कटान से नदी जमीन को काटकर बांध के किनारे पहुंच गई है। हालांकि सरयू नदी खतरे के निशान से 20 सेंटीमीटर नीचे पहुंच चुकी है। पिछले एक सप्ताह से नदी का जलस्तर खतरे के निशान के आसपास ही बना हुआ है। दो दिनों से आंशिक डिस्चार्ज घटने से नदी का जलस्तर भी घट रहा है। 24 घंटे में नदी 20 सेंटीमीटर घटी है। जिससे कटान तेज हो गई है। नदी और बांध के बीच की जमीन बचा पाना किसानों के लिए नामुमकिन हो गया है और आने वाले समय में अगर इसी तरह कटान होती रही तो बांध पर संकट बढ़ सकता है। बुधवार को नदी का जलस्तर घटकर 23 सेंटीमीटर नीचे था और पानी का डिस्चार्ज 2.30 लाख क्यूसेक के आसपास रहा। आने वाले दो दिनों में जलस्तर बढ़ने की संभावना है। मगर सरयू नदी अपने स्वभाव के मुताबिक घटते समय कटान तेजी से करती है, जो मौजूदा समय में स्पष्ट दिखाई देने लगा है। ग्राम माझा रायपुर, पारा, परसावल, बेहटा, बांसगांव, कमियार के पास नदी बांध की तरफ तेजी से बढ़ रही है। वहीं बहुवन मदार माझा गांव के सामने बांध और नदी के बीच की दूरी बहुत कम हो चुकी है। जो आने वाले समय में बांध के लिए दिक्कत खड़ी कर सकती है। बांध की निगरानी कर रहे अवर अभियंता रवि वर्मा का कहना है कि बांध अभी सुरक्षित है, नदी की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। तटबंधों की सुरक्षा के लिए इंतजाम किए जा चुके हैं।