दत्तनगर के बाड़ी माझा में घर के किनारे कटान का नजारा। - संवाद
करनैलगंज/विश्नोहरपुर। सरयू नदी का जलस्तर घटने के साथ ही मैदानी इलाकों में कटान तेज हो गई है। बहुवन मदार माझा, माझा रायपुर, बेहटा, पारा, परसावल और चंदापुर किटोली के पास नदी खेतों को तेजी से काट रही है। कटान करते हुए नदी अब बांध की ओर बढ़ रही है, जिससे ग्रामीणों में दहशत है। बाढ़ कार्य खंड के अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
रविवार सुबह एल्गिन ब्रिज पर नदी का जलस्तर 106.190 मीटर था, जो खतरे के निशान 106.070 मीटर से 12 सेंटीमीटर ऊपर था। कुल डिस्चार्ज 2,31,488 क्यूसेक रहा। शाम तक जलस्तर घटकर 106.110 मीटर पहुंच गया। सोमवार सुबह आठ बजे जलस्तर 105.850 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 22 सेंटीमीटर नीचे है। कुल डिस्चार्ज भी घटकर 1,66,847 क्यूसेक रह गया। जलस्तर घटने के साथ ही कटान बढ़ने से ग्रामीण चिंतित हैं।
बाढ़ खंड के सहायक अभियंता पंकज कुमार आर्य ने बताया कि नदी का जलस्तर तेजी से घट रहा है। फिलहाल नदी बांध से काफी दूर है और मैदानी क्षेत्र में खेतों की कटान कर रही है। कटान रोकने के लिए आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं।
माझा क्षेत्र में छप्परों तक पहुंची कटान
विश्नोहरपुर। नवाबगंज के माझा क्षेत्र में सोमवार को सरयू का जलस्तर घटने से रास्तों में भरा पानी कम हो गया, लेकिन कटान फिर तेज हो गई। दत्तनगर के बाड़ी माझा में राम सजीवन के छप्पर तक कटान पहुंच गई। साकीपुर में भी रामफेर के छप्पर के पास कटान हो रही है। इससे परिवार के लोग छप्पर हटाने में जुटे रहे। माझाराठ और दुर्गागंज में भी कटान जारी है। धान, गन्ने और हरे चारे के खेत नदी में समा रहे हैं। ढेमवा घाट पर सरकारी मोटरबोट से निशुल्क आवागमन की व्यवस्था के बावजूद लोगों से शुल्क वसूले जाने की शिकायत सामने आई है। ग्रामीणों के अनुसार सुबह आठ से शाम सात बजे तक निशुल्क मोटरबोट चलाने के निर्देश हैं, इसके बावजूद रुपये लिए जा रहे हैं।