गोंडा। गोंडा की कलेक्टर ने अभियानों की फेहरिस्त में एक और मुद्दा जोड़ लिया है। जिला मुख्यालय के मुख्य मार्गों से अवैध कब्जेदारी हटवाकर शहर को जाम से मुक्ति दिलाई जाएगी। साथ ही आम जनता को सार्वजनिक परिवहन के दौरान होने वाली असुविधाएं दूर करने के लिहाज से नए स्थान पर पार्किंग की सुविधा दी जाएगी।
जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने अतिक्रमण के खिलाफ विशेष अभियान चलाने का फैसला किया है। उन्होंने नगर मजिस्ट्रेट को अपने पर्यवेक्षण में नगर सीमा में अतिक्रमण चिह्नित कराते हुए संबंधित व्यक्तियों को इसे खुद ही हटाने के लिए लिखित रूप से नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। स्पष्ट किया है कि निर्धारित समयसीमा में अतिक्रमण विद्यमान रहने पर नगर पालिका परिषद के संसाधनों से इसे हटवाना सुनिश्चित किया जाएगा। इसमें नगर मजिस्ट्रेट के निर्देशानुसार लोक निर्माण विभाग द्वारा भी विभागीय संसाधनों की उपलब्धता कराते हुए अपेक्षित सहयोग प्रदान किया जाएगा।
ईओ, सीओ ओर सिटी मजिस्ट्रेट की जिम्मेदारी
डीएम ने नगर क्षेत्र में वाहनों की पार्किंग हेतु उपयुक्त स्थान चिह्नित करने की जिम्मेदारी अधिशासी अधिकारी, नगर मजिस्ट्रेट एवं क्षेत्राधिकारी नगर को दी है। उन्होंने एक सप्ताह में अनिवार्य रूप से पार्किंग स्थल चिह्नित करने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने साफ किया कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान नगर मजिस्ट्रेट के साथ क्षेत्राधिकारी नगर पर्याप्त पुलिस बल के साथ उपस्थित होकर शांति व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे।
जिला मजिस्ट्रेट नेहा शर्मा ने बताया कि नगरीय क्षेत्र में 20 बड़े व्यावसायिक कॉम्पलेक्स और निजी अस्पतालों के पास अपनी पार्किंग नहीं है। वहां आने वाले लोग सड़क पर ही वाहन खड़े करते हैं। कई बार जाम की शिकायतें मिल चुकी हैं। किसी भी स्तर पर जाकर आम जनता की सुलभता का मार्ग प्रशस्त करना जिला प्रशासन की मुख्य थीम है।