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अतिक्रमण से भौचक्के रहे कप्तान, 500 दुकानों को हटवाया

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गोंडा में डब्बूमल तिराहे पर लगी दूकानों को हटवाते एसपी राजकरन नय्यर। - फोटो : GONDA
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गोंडा। शहर में अतिक्रमण का हाल देखकर पुलिस अधीक्षक राजकरन नैय्यर खफा हो गए। अतिक्रमण की स्थिति पर रविवार के अंक में अमर उजाला ने ‘जिम्मेदार ही तोड़ रहे नियम, जाम से जूझ रहा शहर’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी।
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अतिक्रमण की स्थिति को देखने मंगलवार को पुलिस अधीक्षक निकले तो उनका पारा चढ़ गया। उन्होंने यातायात पुलिस टीम के साथ पैदल ही शहर का भ्रमण किया। जगह-जगह सड़क पर ही लगने वाली 500 से अधिक अवैध दुकानों को हटवाया और चेतावनी दी कि दोबारा कोई कब्जा करके दुकान न लगाए।
पूरे शहर में अतिक्रमण के चलते खड़े होने भर की जगह नहीं रही। गुड्डूमल चौराहे से एकता चौक और जलकल चौराहे से अस्पताल तक 500 से अधिक दुकानें सड़कों पर कब्जा जमाए मिलीं। एसपी ने दुकानों को हटाने के साथ ही शहर की पुलिस को भी चेतावनी दी है कि अतिक्रमण न होने पाए।
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शहर में गुड्डूमल चौराहे से एकता चौक तक सबसे अधिक जाम की स्थिति सामने आई। एक तो लोग दुकानों को आगे किए हैं ऊपर से दुकानों के आगे सड़क तक अपने बिक्री के सामानों को रख देते हैं। इसके फिर आगे ठेला व पटरी के दुकानदार सड़कों तक दुकान सजाए रहते हैं। इस तरह दोनों तरफ से दुकानों के बीच सड़क ही गुम हो जाती है।
यही स्थिति गुड्डूमल चौराहे से महिला अस्पताल तक, उतरौला रोड पर मनकापुर बस स्टॉप तक, पीपल चौराहे से एकता चौक, ठठेरी बाजार के साथ ही पुरानी सब्जी मंडी होते हुए राधकुंड से एलबीएस चौराहे तक है। फिलहाल पुलिस अधीक्षक ने शहर का भ्रमण करके सड़क पर लगने वाली दुकानों को हटाने के साथ ही पटरी दुकानदारों को अपनी दुकान की सीमा के भीतर ही दुकान लगाने की हिदायत दी।
यही स्थिति दुखहरण नाथ मंदिर से जिला अस्पताल तक मिली। जिला अस्पताल के आसपास पहुंचे एसपी ने देखा कि दोनों तरफ दुकानें लगा रखी गईं हैं। ठेलों व दुकानों को हटवाने के साथ ही हिदायत दी है कि दोबारा दुकानें न लगने पाए। एसपी के तेवर से शहर पुलिस के साथ ही यातायात पुलिस भी पसीने-पसीने रही।
पुलिस उपाधीक्षक यातायात जितेन्द्र बहादुर दूबे के साथ ही प्रभारी यातायात जितेन्द्र बहादुर सिंह, टीएसआई संतोष कुमार पुलिस टीम के साथ अतिक्रमणकारियों को चेतावनी देते दिखे। शहर के लोगों ने कहा कि काश ऐसे ही पुलिस हरकत में रहे तो शहर में जाम से लोगों की सांस न फूले।
दुकानों के सामने बेतरतीब वाहनों के खड़े होने पर भड़के
दुकानदारों की ओर से तो बढ़ाकर सामान रखा ही जाता है, ऊपर से खरीदारी के लिए आने वाले लोग बेतरतीब ढंग से वाहनों को खड़ा कर देते हैं। दुकानदार ग्राहकों को नाराज न करने के चक्कर में न तो कुछ कहते हैं और न ही कोई व्यवस्था किए हैं कि वाहन खड़े किए जा सकें।
एसपी ने दुकानदारों को चेतावनी दी कि वाहन ठीक से खड़े हों और वाहन चालकों को भी सुधार की हिदायत दी। कई लोगों को टोका की वाहन सही ढंग से खड़े करें।
शहरी में क्षेत्र में सात चौकियां, आधा दर्जन पुलिस टीमें और हाल यह
शहर में जाम की स्थिति ऐसी तब है जब सात चौकियां तो शहरी क्षेत्र में ही है। दो-दो कोतवाली अलग से है। कोतवाली देहात के सामने तो जाम का हाल देखकर लगता ही नही कि यहां पुलिस है। भले ही क्षेत्र नही है लेकिन पुलिस को अपने आसपास तो व्यवस्था बनाए रखना चाहिए।
यही नही पांडेय बाजार चौकी तक पहुंचना आसान नही है, बडग़ांव पुलिस चौकी के सामने ही जाम की असली तस्वीर मिलती है। मिश्रौलिया पुलिस चौकी, इनकैन, सद्भावना, महराजगंज पुलिस चौकी क्षेत्र का भी अजब हाल है। इसके अलावा शहर में कई स्थानों पर पुलिस टीमों को भी लगाया गया है, फिर भी जो स्थिति है वह पुलिस के साथ ही प्रशासन के लिए चुनौती है।
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अवैध तरीके से लगी दुकानों को हटवाया गया है। बेतरतीब ढंग से वाहन खड़ा करने पर चेतावनी दी गई है। अब दोबारा अगर कोई समस्या हुई तो कार्रवाई होगी।
-राजकरन नैय्यर, पुलिस अधीक्षक
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