गोंडा। भीषण गर्मी और उमस की वजह से बिजली की मांग लगातार बढ़ती जा रही है। देवीपाटन मंडल में अब बिजली की खपत बढ़कर रिकॉर्ड 954 मेगावाट तक पहुंच गई है। बढ़ती मांग के कारण विद्युत वितरण व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है और कई उपकेंद्रों के ट्रांसफार्मर अपनी क्षमता के करीब संचालित हो रहे हैं।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार करीब 15 दिन पहले तक मंडल में बिजली की मांग 901 मेगावाट के आसपास थी, जो अब बढ़कर 954 मेगावाट हो गई है। अधिकारियों का कहना है कि एसी, कूलर, पानी की मोटर, इंडक्शन चूल्हे और इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग के बढ़ते उपयोग से खपत में तेजी आई है।
जिलावार आंकड़ों पर नजर डालें तो गोंडा में सबसे अधिक 365 मेगावाट रनिंग लोड दर्ज किया गया। इसके बाद बहराइच में 363 मेगावाट, बलरामपुर में 178 मेगावाट और श्रावस्ती में 48 मेगावाट विद्युत भार रिकॉर्ड किया गया।
बढ़े हुए लोड के चलते कई क्षेत्रों में लो-वोल्टेज, ट्रिपिंग और तकनीकी खराबियों की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। हालांकि विभाग का दावा है कि उपभोक्ताओं को रोस्टर के अनुसार निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने के लिए अभियंता और कर्मचारी लगातार ग्रिड एवं सब-स्टेशनों की निगरानी कर रहे हैं।
मुख्य अभियंता यदुनाथ यथार्थ ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि पीक आवर्स के दौरान अधिक क्षमता वाले विद्युत उपकरणों का एक साथ उपयोग करने से बचें। उन्होंने कहा कि यदि उपभोक्ता अपनी खपत में 10 से 20 प्रतिशत तक कमी लाएं तो विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को अधिक सुचारू बनाए रखा जा सकता है।
बिजली चोरी के 46 मामले पकड़े
बिजली चोरी रोकने के लिए विद्युत विभाग व पुलिस विजिलेंस टीम ने मंडल के चारों जिलों में विशेष अभियान चलाया। इस दौरान बिजली चोरी के 46 मामले पकड़े गए। इनमें गोंडा में 16, बलरामपुर में 14, बहराइच में 12 और श्रावस्ती में चार मामले शामिल हैं। विभाग ने सभी मामलों में एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों ने उपभोक्ताओं से वैध कनेक्शन के माध्यम से ही बिजली का उपभोग करने की अपील की है।