लाइन शिफ्ट कराने को ठेकेदार ने की वसूली
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बलरामपुर जिले में तुलसीपुर तहसील मुख्यालय पर 132 केवीए विद्युत उपकेंद्र के निर्माण को मंजूरी मिल गई है। सब स्टेशन के निर्माण में कुल 40 करोड़ रुपये लागत आएगी। ये स्वीकृति वन निगम अध्यक्ष सलिल सिंह टीटू की मांग पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने दी है। सब स्टेशन निर्माण से तहसील क्षेत्र की करीब आठ लाख आबादी को बेहतर विद्युत आपूर्ति का तोहफा मिलेगा।
वन निगम अध्यक्ष सलिल सिंह टीटू ने बुधवार को ये जानकारी देते हुए कहा कि विगत 19 अगस्त को उन्होंने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर तराई क्षेत्र के तुलसीपुर तहसील की बदहाल विद्युत व्यवस्था से अवगत कराया था।
अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को बताया कि तराई का पिछड़ा इलाका होने के कारण इस क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था काफी बदहाल है। सब स्टेशन नहीं होने के चलते यहां की विद्युत आपूर्ति बार-बार बाधित होती है। इसके बावजूद ट्रांसमिशन वर्क्स कमेटी के निदेशक मंडल की बैठक में दो बार इस विद्युत उपकेंद्र के निर्माण का प्रस्ताव खारिज कर दिया गया। अध्यक्ष की मांग पर विगत 23 अगस्त को मुख्यमंत्री ने तुलसीपुर में 132 केवीए का सब स्टेशन बनाने को मंजूरी दे दी। सब स्टेशन निर्माण में करीब 40 करोड़ रुपये बजट खर्च होगा।
सब स्टेशन निर्माण मंजूरी से संबंधित आदेश चीफ इंजीनियर पावर कॉर्पोरेशन गोंडा को भेज दिया गया है। अध्यक्ष ने बताया कि दिसंबर तक तुलसीपुर में सब स्टेशन का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। इस उपकेंद्र से न केवल तहसील क्षेत्र के लोगों को बेहतर बिजली मिलेगी बल्कि प्रसिद्ध शक्तिपीठ देवीपाटन में आने वाले श्रद्धालुओं को भी बेहतर विद्युत आपूर्ति संभव होगी। अध्यक्ष ने इस मंजूरी के लिए मुख्यमंत्री को बधाई दी है। सब स्टेशन निर्माण की मंजूरी मिलने पर तुलसीपुर नगर पंचायत अध्यक्ष फिरोज पप्पू व मुशीर पप्पू ने भी हर्ष व्यक्त किया है।
ट्रांसमिशन डिवीजन एक्सईएन सीपी पांडेय का कहना है कि तुलसीपुर तहसील में 132 केवी बिजलीघर का निर्माण बेहद जरूरी था। इस वजह से इसका प्रस्ताव साल भर पहले तैयार करके टीडब्ल्यूसी के निदेशक मंडल को भेजा था। मगर दो बार बैठक में इसका प्रस्ताव खारिज हो गया। 20 अगस्त को हुई बैठक में इस प्रस्ताव पर निदेशक मंडल ने अपनी मुहर लगा दी है। दिसंबर तक 40 करोड़ रुपये लागत से बिजलीघर का निर्माण शुरू हो जाएगा।