गोंडा। बिजलीकर्मियों की हड़ताल से जिले की बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। चार उपकेंद्रों के ब्रेकडाउन में करीब 150 गांवों में बिजली का संकट पैदा हो गया है। कहीं दो दिनों से तो कहीं 24 घंटे से बिजली गुल है। तकनीकि फाल्ट सही कर आपूर्ति शुरू करने वाले टेक्नीशियन से लेकर एक्सईएन तक कार्य बहिष्कार कर धरना दे रहे हैं। हालांकि, लखनऊ में ऊर्जा मंत्री से बातचीत के बाद बिजली कर्मियों का कार्य बहिष्कार समाप्त हो गया है।
पांच दिनों से चल रहे बिजलीकर्मियों के आंदोलन से चार उपकेंद्रों पर 33 केवी से ही आपूर्ति ठप हो गई। घारीघाट, चंदवतपुर, सुभागपुर व देवरिया मद्दो उपकेंद्र के अधिकांश फीडर ब्रेकडाउन में चले गए। जिससे करीब 150 गांवों की बिजली गुल रही।
वीआईपी कॉलोनी में भी गुल रही बिजली
शहर का सिविल लाइन द्वितीय मोहल्ले के हाउसिंग कालोनी में भी करीब पांच घंटे से अधिक बिजली गुल रही। बताया जा रहा है कि संबधित लाइन पर फ्यूज जलने से आपूर्ति ठप हुई थी। हड़ताल के चलते नया फ्यूज लगाने में समय लग गया, जिससे देर शाम तक आपूर्ति ठप रही।
चेयरमैन का पुतला फूंका
शनिवार को पांचवें दिन को भी पावर कॉर्पोरेशन के मुख्य अभियंता कार्यालय पर बिजली कर्मियों का बेमियादी धरना चलता रहा। मांगों पर विचार न किए जाने से आक्रोशित बिजली कर्मियों ने पावर कॉर्पोरेशन के चेयरमैन एम देवराज का पुतला फूंका। धरने की अध्यक्षता करे रहे अधिशाषी अभियंता एसके साहू ने कहा कि बिजली विभाग को निजी हाथों में सौंपने से उपभोक्ताओं को कई गुना महंगे दामों में बिजली मिलेगी।
संषर्घ समिति के सतीश गुप्ता ने संबोधित करते हुए कहा कि प्रबंधन का तानाशाही रवैया अपनाकर बिजलीकर्मियों का शोषण कर रही है। विद्युत पारेषण में जारी निजीकरण प्रक्रिया निरस्त की जाए। आगरा में टोरंट पावर को दी गई फ्रेंचाइजी और व ग्रेटर नोएडा का निजीकरण रद्द किया जाए। धरना प्रदर्शन करने वालों में संदीप यादव, शुभम सिंह, दुर्गेश गुप्ता, पवन कुमार, संतोष सिंह, रंजीत, रुपेश सोनी, अवधेश शर्मा, रुपेश सोनी, अमित आदि रहे।