गोंडा। पंचायत चुनाव फरवरी माह में कराने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। परिसीमन के लिए आदेश जारी होने से यह साफ हो गया है कि चुनाव बोर्ड परीक्षा के पहले ही होंगे। इसके लिए जिले में नई पंचायतों के गठन की कवायद भी शुरू हो गई है। इस बार 180 नई पंचायतों के गठन होने के संकेत मिल रहे हैं।
अभी फिलहाल पहले दिन कोई आवेदन नहीं आया है, लेकिन 20 नवंबर तक पंचायतों की ओर से आवेदन मिलेंगे। वहीं नगर क्षेत्र में शामिल करने के लिए जिन 27 पंचायतों का प्रस्ताव डीएम ने भेजा है, वहां भी पंचायत चुनाव होने हैं। पंचायत विभाग उन सभी गांवों को पंचायत ही मानकर तैैयारी कर रहा है।
शासन की ओर से जहां पंचायतों के परिसीमन की कार्रवाई शुरू करा दी गई है और 18 दिसंबर तक नए पंचायतों के पुनर्गठन की कार्रवाई पूरी होनी है। वहीं 29 दिसंबर तक मतदाता सूची के पुनरीक्षण की कार्रवाई पूरी हो जाएगी। जिले में वर्ष 2015 में पंचायतों के पुनर्गठन की कार्रवाई हुई थी और 149 नई पंचायतों के गठन का प्रस्ताव तैयार हुआ था।
उस समय पुनर्गठन के प्रस्ताव का देर से भेजे जाने के कारण स्वीकृति नहीं मिल पाई थी। इससे 1054 पंचायतें ही रह गई थीं। इस बार फिर एक हजार से अधिक आबादी वाले राजस्व गांवों को पंचायत का दर्जा देने की कार्रवाई शुरू हुई है।
परिसीमन में नई पंचायतों के गठन के उसी आवेदनों पर विचार होगा, जहां से 50 या उससे अधिक लोगों की ओर से पंचायत के गठन की मांग किया जाएगा। 20 नवंबर तक आवेदन लिए जाएंगे और इसके लिए जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय में तैयारी हो गई है।
सोमवार से शुरू हुई प्रक्रिया में अभी आवेदन नहीं आए हैं, लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि 300 के करीब राजस्व गांवों के पंचायत बनाने के आवेदन आ सकते हैं और 180 पंचायतों के गठन पर मुहर लग सकती है। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित कमेटी नई पंचायतों के गठन का फैसला करेगी। बताया जा रहा है कि पंचायतों के गठन के लिए गांवों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
परिसीमन से पंचायतों के आरक्षण पर होगा असर
परिसीमन के फैैसले के बाद पंचायतों का पुनर्गठन भी होगा। इससे पंचायतों के आरक्षण पर बड़ा असर पडे़गा। पुनर्गठन होने के फैसले से पहले लोगों को उम्मीद थी कि आरक्षण में मामूली बदलाव होंगे। लेकिन नए पंचायतों के गठन से आरक्षण में बड़े बदलाव होंगे और कई पंचायतों के प्रधान इस बार चुनाव आरक्षण बदलने से नहीं लड़ पाएंगे। अभी वैसे आरक्षण के तरीकों के बारे में स्थिति साफ नहीं है, लेकिन जल्द ही इसके लिए भी आदेश जारी होने की उम्मीद है। इससे आरक्षण से कई पंचायतों में आरक्षण बदलना तय है।
वार्डों का भी परिसीमन होना तय
पंचायतों के परिसीमन के साथ ही वार्डों का भी परिसीमन होना तय है। मौजूदा समय में 1054 पंचायतों में 15136 वार्ड सदस्य हैं और इनके निर्वाचन से ही पंचायतों का अस्तित्व तय होता है। पंचायत का कोरम सदस्यों की संख्या से ही तय होता है और यह पंचायतों के कामकाज में काफी महत्व रखते हैं। इनके भी परिसीमन होने तय हैं। माना जा रहा है कि वार्ड सदस्यों की संख्या भी बढ़ेगी। फिलहाल अभी पंचायतों के बारे में ही आवेदन लिए जा रहे हैं।
पंचायतों के परिसीमन की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। नगर क्षेत्र में शामिल करने के जिन पंचायतों का प्रस्ताव गया है अभी वहां भी सामान्य रूप से ही प्रक्रिया की जा रही है। उनके बारे में नया कोई आदेश नहीं आया है।
- सभाजीत पांडे, डीपीआरओ