राजनीति की मलाई सबके राल टपका देती है। इस समय ग्राम पंचायत चुनाव में प्रधानी की कुर्सी हथियाने को हर कोई एक-दूसरे को मात देने पर तुला है। लेकिन जब एक ही घराने के लोग एक-दूसरे को टक्कर दे रहे हों तो उसमें लोगों की दिलचस्पी बढ़ जाती है।
इस बार कहीं भाई-भाई तो कहीं चाचा-भतीजे एक-दूसरे को मात देने को ताल ठोक रहे हैं। राजनीति में कब, कौन, कैसी और क्या चाल चले, पहले से कोई नहीं जान सकता है। ग्राम पंचायत के चुनाव में इस बार सगे संबंधी ही एक-दूसरे के खिलाफ ताल ठोकने लगे हैं।
कई जगह तो ऐसी है जहां नामांकन करने से लेकर प्रचार करने के दौरान ही एक-दूसरे के रिश्ते में काफी तल्खी आ गई है। अब लोगों की आकांक्षाएं बढ़ने से रिश्ते गौड़ होते जा रहे हैं। पिछले चुनाव में जिस उम्मीदवार के परिवार के लोग मदद में थे।
अब उन्हीं घराने के लोगों ने एक-दूसरे के खिलाफ न सिर्फ चुनावी मोर्चा खोल दिया बल्कि खुद मैदान में उतर कर अपनों को मात देने के लिए कई तरह से किलेबंदी करने में कोई कोरकसर नहीं छोड़ रहे हैं।
हलधरमऊ ब्लॉक के ग्राम रेरुआ में एक पूर्व प्रधान उम्मीदवार के खिलाफ उनके भतीजे ने इस बार ताल ठोक दी है। बताया जाता है कि पिछले चुनाव में जो भतीजा मददगार बना था, इस चुनाव में अब उसी से कड़ी चुनौती मिल रही है। इस चुनाव में चाचा-भतीजे एक-दूसरे को मात देने में लगे हैं।
रूपईडीह ब्लॉक के ग्राम बनगाई में चाचा-भतीजा प्रधान पद हथियाने को लेकर चुनाव मैदान में हैं। मैदान मार लेने के लिए वे प्रचार के दौरान एक-दूसरे के खिलाफ खूब जबानी तलवार भांज रहे हैं। इसमें हर कोई एक-दूसरे से बेहतर दिखने की कोशिश कर रहा है।
रूपईडीह ब्लॉक की ग्राम पंचायत मंगल नगर में प्रधान पद पर चाचा-भतीजे आमने-सामने हैं। बताया जाता है कि चाचा पूर्व प्रधान हैं जबकि उन्हें इस चुनाव में दूसरे उम्मीदवारों से अधिक अपने से चुनौती मिल रही है। दोनो एक-दूसरे को मात देने की फिराक में हैं।
ग्राम प्रधान पद पर आमने-सामने आये सगे संबंधियों के सामने चुनाव काफी कठिन बना है। जिस घर में पटट्ीदार का झगड़ा है वहां तो उम्मीदवार अपने मुकाबले में अपने घराने के उम्मीदवारों की प्रचार-प्रसार में बखिया उधेड़ रहे हैं। लेकिन जहां सिर्फ प्रधानी की मलाई के लालच में एक-दूसरे को परास्त करने में उतरे हैं।
प्रचार के दौरान जैसा समर्थक या वोटर मिला उसको वैसा ट्रीट कर अपने लिए समर्थन मांग रहे हैं। कई जगह उम्मीदवार अपने घराने के उम्मीदवार पर सीधा हमला नहीं कर रहे हैं। उनका कहना है कि हम अपने घर के फलां उम्मीदवार की बुराई नही कर रहे हैं। हम चुनाव मैदान में इस बार परिवर्तन लाने के लिए मैदान में उतरे हैं।