मेडिकल कॉलेज में रोती-बिलखतीं गुड्डा देवी व अन्य। - संवाद
झंझरी। देहात कोतवाली क्षेत्र के बेसियाचैन ग्राम में बृहस्पतिवार सुबह गेहूं पिसाने जा रहे किशोर को घेरकर कुछ लोगों ने पीटना शुरू कर दिया। उसे बचाने आए बाबा रामतेज (70) की भी पिटाई कर दी गई। बाद में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। चार अन्य घायलों को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। दिवाली की रात पटाखा दगाने को लेकर हुए विवाद को लेकर वारदात हुई है।
बेसियाचैन निवासी जगदंबा ने बताया कि उनका 17 वर्षीय बेटा बंशी बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे गेहूं की पिसाई कराने आटा चक्की पर जा रहा था। रास्ते में गांव के चौराहे के पास पहले से मौजूद एक दर्जन लोगों ने उसे घेरकर पीटना शुरू कर दिया। उसके शोर मचाने पर घर के लोग बचाने के लिए पहुंचे। इस पर बंशी की पिटाई कर रहे लोगों ने उन्हें, उनके पिता रामतेज, भाई बजरंगी, भाभी माया देवी को भी लाठी-डंडे व सरिया से पीटकर घायल कर दिया।
घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। जहां इलाज के दौरान रामतेज ने दम तोड़ दिया। अन्य का इलाज चल रहा है। जगदंबा ने बताया कि दिवाली की रात रक्षाराम का बेटा पटाखा दाग रहा था। उस वक्त गोले की चिन्गारी उनके बेटे भोला के ऊपर पड़ गई थी। इसको लेकर विवाद हुआ था। बाद में दोनों पक्षों में पंचायत भी हुई थी। इसी को लेकर बृहस्पतिवार को घटना को अंजाम दिया गया है।
प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार सिंह ने बताया कि मारपीट में एक वृद्ध की मौत हो गई है। गांव में पुलिस बल तैनात किया गया है। रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
हमरे बप्पा का क्या कसूर था
मृतक की बेटी गुड्डा देवी ने कहा कि हमरे बप्पा का क्या कसूर था। वो तो बचाने के लिए गए थे। वह कभी किसी झगड़े में नहीं पड़ते थे। यह कहते हुए वह बिलखकर रोने लगीं। गांव की महिलाओं ने उन्हें संभाला।