विधान सभा चुनाव के लिए नामांकन करने वाले उम्मीदवारों के नामांकन पत्रों की जांच में शुक्रवार को आठ उम्मीदवारों के नामांकन पत्र खारिज हो गये। उम्मीदवारों के नामांकन पत्रों में खामियां मिलने पर अलग अलग विधान सभा सीटों के लिए बनाये गये रिटर्निंग आफीसरों की ओर से नामजदगी के पर्चों की जांच के बाद खामियों के आधार पर पर्चों के खारिज करने की कार्रवाई की गई।
जिले के सात विधान सभा सीटों के लिए दो फरवरी से शुरू हुए नामांकन प्रक्रिया से आखिरी दिन नौ फरवरी तक कुल 98 लोगों ने विधायकी लड़ने के लिए नामांकन पत्र दाखिल किया था। परचा खारिज होने वालों में मेहनौन से कांग्रेस प्रत्याशी कुतुबद्दीन खां भी शामिल हैं।
शुक्रवार को सभी सात विधान सभा मेहनौन,गोंडा सदर,कटरा बाजार,करनैलगंज,तरबगंज,मनकापुर व गौरा विधान सभा क्षेत्र के रिटर्निंग आफीसरों ने अपने मातहत टीमों के साथ नामांकन पत्रों की बारीकी से जांच की।
जांच में मेहनौन विधान सभा क्षेत्र से बिना टिकट मिले कांग्रेस की ओर से नामांकन करने वाले कुतुबद्दीन खा का नामांकन पत्र खारिज कर दिया गया जबकि उनका निर्दल उम्मीदवारी के रूप में नामांकन किया गया दूसरा सेट जांच में सही पाया गया।
गोंडा विधान सभा सीट से नामांकन करने वाले जन क्रांजि पार्टी के उम्मीदवार धर्मवीर आर्य,निर्दल उम्मीदवार सुरेश मिश्रा,पूनम व सुमन का पर्चा जांच में खारिज हो गया। कटरा विधान सभा सीट से कई सालों से लगातार चुनाव लड़ते आ रहे राम फेर चूंटी का नामांकन पत्र अभिलेखों के अभाव में खारिज हो गया।
इसी तरह से करनैलगंज सीट से कांग्रेस से नामांकन करने पर मधुमा पांडेय का आरओ ने नामांकन पत्र खारिज कर दिया। जबकि मनकापुर सुरक्षित विधान सभा सीट से कांग्रेस से टिकट कट जाने पर कांग्रेस से नामांकन करने पर कमला सिसौदिया का नामांकन पत्र खारिज हो गया।