गोंडा। माध्यमिक शिक्षा के इंटर कॉलेजों की मान्यता के नियमों में परिवर्तन हुआ है। अभी तक सोसाइटी से पंजीकृत संस्थाएं ही इंटर कॉलेज खोल सकती थीं। अब कंपनियां भी भवन का मानक पूरा करके इंटर कालेज संचालित कर सकेंगी। अब तीन साल मान्यता के बाद नवीनीकरण कराना होगा।
यूपी बोर्ड से वित्तविहीन विद्यालयों को दी जाने वाली मान्यता की शर्तों में बड़े बदलाव हुए हैं। माध्यमिक शिक्षा के प्रमुख सचिव दीपक कुमार ने मान्यता की नवीन शर्तों से संबंधित आदेश जारी किया है। इसके तहत कंपनियों को अब हाईस्कूल और इंटरमीडिएट स्कूलों को पहली बार में तीन साल के लिए मान्यता दी जाएगी। तीन साल की अवधि पूरी होने पर विद्यालयों को मान्यता का नवीनीकरण कराना होगा, नवीनीकरण पांच साल के लिए होगा। इसके बाद फिर नवीनीकरण होना है।
नवीनीकरण विद्यालय संचालन के लिए निर्धारित व्यवस्था का स्थलीय निरीक्षण करने के बाद होना। वैसे स्कूल वालों को राहत दी गई है कि विद्यालय की ओर से नवीनीकरण के लिए आवेदन करने के बाद यदि निर्धारित अवधि में नवीनीकरण नहीं होता है तो स्वत: नवीनीकृत मान लिया जाएगा।
इनसेट
आधारभूत संसाधन नहीं करते थे पूरे
मान्यता में नई शर्त इसलिए जोड़ी गई हैं, क्योंकि पहले मान्यता मिलने के बाद स्कूल प्रबंधन से जुड़े लोग आधारभूत सुविधाएं बढ़ाने में रुचि नहीं लेते थे। इतना ही नहीं समय-समय पर किए बदलावों के अनुरूप मानक पूरे करने को गंभीर नहीं होते थे। यही कारण है कि पहली बार मान्यता नवीनीकरण व्यवस्था की गई है, ताकि सभी स्कूलों में आवश्यक न्यूनतम सुविधाएं सुनिश्चित कराई जा सकें। वर्तमान में स्कूलों के संसाधन की जांच हुई थी, इसके बाद भी कई स्कूल वालों ने नए निर्देशों की अनदेखी की।
नए नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी
- शासन से अभी नए नियमों का निर्देश विभाग के निदेशक और बोर्ड को भेजा गया है। वहां से निर्देश मिलने पर नए नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
- राकेश कुमार, डीआईओएस