गोंडा। आर्थिक रूप से कमजोर अभिभावकों के बच्चे भी महंगे प्राइवेट स्कूलों में मुफ्त शिक्षा ग्रहण कर सकेंगे। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत जिले के 934 प्राइवेट स्कूलों में मुफ्त प्रवेश लिया जाएगा। आवेदन करने के बाद चार चरणों में ई-लॉटिरी के जरिए चयनित छात्र-छात्राओं का प्रवेश लिया जाएगा।
आरटीई के तहत प्रत्येक विद्यालय को कक्षा एक में 25 प्रतिशत सीटों पर गरीब बच्चों का प्रवेश लेना होगा। जिन्हें कक्षा आठ तक मुफ्त शिक्षा दी जाएगी। इसके साथ ही बच्चों के लिए ड्रेस, स्टेशनरी, किताबें, यातायात शुल्क आदि सरकार की ओर से सीधे अभिभावकों के खाते में भेज दिया जाएगा। इसमें एक लाख रुपये तक वार्षिक आय वाले अभिभावकों के बच्चों को ही प्रवेश मिलेगा।
आरटीई का काम देख रहे पटल सहायक प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि प्रवेश प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए विभाग ने चार चरणों में ई लॉटरी प्रणाली लागू की है। बीएसए कार्यालय पर उच्च अधिकारियों की मौजूदगी में ई लॉटिरी का आयोजन होगा। चयनित बच्चों की सूची पोर्टल के माध्यम से जारी की जाएगी।
आवेदन प्रक्रिया की होगी ऑनलाइन निगरानी
आरटीई के तहत विभागीय पोर्टल के माध्यम से आवेदन प्रक्रिया की ऑनलाइन निगरानी की जाएगी। फर्जी दस्तावेजों पर रोक लगाने के लिए विभाग ने इस वर्ष अतिरिक्त दस्तावेज सत्यापन की व्यवस्था की है। अभिभावक समय से पहले दस्तावेज तैयार रखें, ताकि आवेदन के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो।
आवेदन के लिए जरूरी होंगे ये दस्तावेज
बच्चों व अभिभावकों का आधारकार्ड
निवास प्रमाणपत्र
आधारकार्ड व फोन नंबर से लिंक बैंक खाता
अधिकतम एक लाख रुपये तक वार्षिक आय प्रमाणपत्र
जरूरी होने पर जाति व दिव्यांगता प्रमाणपत्र
आवेदन के लिए पहले पूरी कर लें तैयारी
अभिभावकों से अपील की जाती है कि आरटीई के तहत आवेदन के लिए पहले से ही तैयारी पूरी कर लें। आवश्यक दस्तावेजों की वैधता की जांच कर लें, जरूरत होने पर फिर से बनवा लें। दिसंबर में आवेदन शुरू हो जाएंगे। -डॉ. रामचंद्र, प्रभारी बीएसए