परसपुर (गोंडा)। चौरासी कोसी परिक्रमा का दूसरा जत्था महंत गयादासजी महराज के नेतृत्व में बृहस्पतिवार को जिले की सीमा में पहुंचा। साधु-संतों ने नाव से घाघरा नदी पार की। चिलचिलाती धूप एवं बालू में साधु-संतों को दुश्वारियों का सामना करना पड़ा। दुलारेबाग बहुवन मदार मांझा में पहुंचे साधु-संतों ने डेरा डाला।
इस दौरान साधु-संतों की ओर से किए गए जय श्रीराम के जयघोष से दुलारेबाग गूंज उठा। यहीं श्रद्धालुओं का विश्राम स्थल सुनिश्चित है। अवध धाम (हनुमान मंडल) की 84 कोसी परिक्रमा दूसरे पड़ाव सरयू नदी के जंबू घाट पर पहुंच गई।
महंत गयादास ने कहा कि परिक्रमा में नेपाल, राजस्थान, छत्तीसगढ़, बिहार, बंगाल, जनकपुर व मुंबई सहित कई स्थानों के लोग चल रहे हैं, लेकिन पड़ाव स्थलों पर हैंडपंप, प्रकाश व छाया की व्यवस्था नहीं है, जिससे संतों को समस्या हो रही है। उन्होंने बताया कि धर्मार्थ सेवा संस्थान की परिक्रमा जंबू तीर्थ नहीं जाएगी। मंटू सिंह, मुन्नी देवी, राजदेव शुक्ला आदि ने साधु-संतों का स्वागत किया।
उधर, हनुमान मंडल 84 कोसी परिक्रमा सुबह वहां से चल कर जंबू घाट पहुंची। शनिवार की सुबह यह यात्रा जंबू से चल कर श्रीतुलसी जन्मभूमि मंदिर राजापुर सूकरखेत तथा पसका भैरोदास कुटी पहुंचेगी। बखरिहा गांव में रात्रि निवास होगा। जंबू घाट पर पवन कुमार पांडेय, परमानंद ओझा, अरुण पाठक, सतपाल सिंह, राधेश्वर तिवारी, मनीष तिवारी, सुनील दूबे व प्रह्लाद तिवारी ने स्वागत किया।
महंत ओंकारदास के नेतृत्व में परिक्रमा का तीसरा जत्था चरसड़ी में ब्रह्मचारी चौरादे पर रात्रि विश्राम के लिए पड़ाव डालेगा। नायब तहसीलदार देवेंद्र यादव, हलधरमऊ संतोष कुमार ने जायजा लिया। सीएचसी की मेडिकल टीम में शामिल ओपी गुप्ता, फार्मासिस्ट पीसी गुप्ता व वार्ड बॉय पवन कुमार आर्य ने शिविर लगाकर साधु-संतों को दवाएं दीं।