गोंडा। परिवहन विभाग की ओर से सड़क सुरक्षा को लेकर खास सतर्कता बरती जा रही है। सड़क पर लापरवाही के चलते कितने हादसे होते हैं। इसमें अधिकांश मामलों में वाहनों के चालकों की लापरवाही सबसे अधिक होती है। ऐसे में चालकों की एक लापरवाही का खामियाजा कई लोगों को उठाना पड़ता है। बताया जा रहा है कि इसके पीछे सबसे बड़ा कारण है कि लोगों को ड्राइविंग लाइसेंस तो मिल जाते हैं लेकिन उन्हें सड़क सुरक्षा नियमों के बारे में जानकारी नहीं होती है। अब जिले में चालकों को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण देने के लिए 4 करोड़ 60 लाख की लागत से ट्रेनिंग सेंटर बनाया जा रहा था। जो अब बनकर तैयार हो चुका है, जल्द ही इसका शुभारंभ हो जायेगा।
बता दें कि लगभग डेढ़ साल पूर्व इस प्रस्ताव पर विभाग ने मुहर लगाई थी। जिसके बाद राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान से समझौते के बाद प्रशिक्षण केंद्र का निर्माण शुरू हो गया। अब जबकि लगभग पूरा प्रशिक्षण केंद्र का भवन और कंट्रोल रूम बनकर तैयार हो गया है तो इसके जल्द ही शुरू होने की उम्मीद है। संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन अजय कुमार यादव ने बताया कि प्रशिक्षण केन्द्र के निर्माण का जिम्मा उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ लिमिटेड को दिया गया है।
लगभग दो महीने में पूरा हो जायेगा निर्माण
बताया जा रहा है कि प्रशिक्षण केंद्र का निर्माण कार्य लगभग 75 प्रतिशत पूरा हो चुका है। आने वाले दो महीने में केन्द्र का निर्माण कार्य पूरा होने की उम्मीद है। भवन का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। अब अंदर की फिनिशिंग बाकी है और कुछ अन्य कार्य पूरे किये जाने हैं। जिसके बाद जांच टीम आकर एक बार फिर से पूरे बिल्डिंग का मुआयना करेगी और अपनी रिपोर्ट देगी। जांच में सब कुछ ठीक रहा तो दो से तीन महीने के भीतर सेंटर शुरू हो जायेगा। कुल लागत चार करोड़ 60 लाख में से 2 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है।
चाहे दो पहिया हो या फिर ट्रक सबके लिए होगा ट्रैक
चालक को पूरी तरह से पारंगत करने के लिए प्रशिक्षण केंद्र में ही बाइक से लेकर ट्रक और बस तक के लिए ट्रैक का निर्माण कराया जायेगा। खास बात ये है कि ये ट्रैक आधुनिक संसाधनों से लैस होंगे। इस व्यवस्था से जहां चालकों को अच्छे से प्रशिक्षित किया जायेगा, वहीं टेस्ट के लिहाज से भी ये अच्छा होगा।