गोंडा। मानसून की दस्तक से पहले हुई हल्की बारिश ने शहर में नालों की हुई साफ-सफाई की पोल खोल दी। दो दिनों के बारिश में ही शहर के विभिन्न कार्यालयों व वार्डों में जलजमाव हो गया। जिम्मेदारों ने कागजों में तो नालों की सफाई कर दी लेकिन अभी भी नाले कूड़े से पटे हैं। वहीं मेडिकल कॉलेज के पास नाला न होने के कारण अस्पताल में गंदा पानी भरा रहता है। -पेश है रिपोर्ट
सड़क पर भरा नाले का पानी
स्थान: सिंचाई विभाग के सामने
- सिविल लाइन द्वितीय वार्ड में सिंचाई विभाग के सामने जलजमाव के कारण निकलना मुश्किल हो रहा है। नाले से बहने वाला बरसात का पानी सड़क पर जमा होने से यहां से आने-जाने वालों को समस्या हो रही है। इस मुख्य रास्ते पर प्रतिदिन करीब 50 हजार से अधिक लोगों का आवागमन होता है। अधिवक्ता रमेश कुमार ने बताया कि प्रतिदिन कचहरी से लौटते समय इस गंदे पानी से गुजरना पड़ता है। कई बार ड्रेस पर गंदे पानी के छींटे पड़ चुके हैं।
नाली की सफाई नहीं, रास्ते में भरा पानी
स्थान: छेदीपुरवा वार्ड
शहर के दुखहरणनाथ के बगल वाली गली में 500 अंदर चलने पर मुख्य रास्ते पर ही गंदा पानी भरा हुआ है। बगल बनी नाली टूटी हुई है, जिससे पूरे काॅलोनी का गंदा पानी रास्ते में भर जाता है। गैस सिलिंडर की डिलिवरी देने वाले शत्रोहन लाल ने बताया कि इधर से गुजरने पर गिरने का डर लगा रहता है। कई लोग गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं।
ग्रामीण क्षेत्र में बह रहा शहरी क्षेत्र का पानी
स्थान: रानीजोत
महारानीगंज वार्ड के सटे सतईपुरवा व रानीजोत के रास्ते पर शहरी क्षेत्र का पानी भरा रहा। रास्ता कच्चा होने के कारण लोगों के आवागमन में परेशानी हो रही है। स्थानीय निवासी रोहित ने बताया कि रानीजोत का आधा क्षेत्र नगर पालिका व आधा ग्रामीण क्षेत्र में आता है। वार्ड में नाले की सफाई न होने के कारण शहरी क्षेत्र का पानी रास्ते में भर जाता है, जिससे लोगों के आवागमन में परेशानी हो रही है।
शहर में बारिश के कारण जहां-जहां समस्या आ रही है, उसका निराकरण कराने का प्रयास किया जा रहा है। टीमों को लगाया गया है।
- शारिफ काजी, सफाई निरीक्षक नगर पालिका परिषद गोंडा