गोंडा। बारिश व उमस भरी गर्मी के चलते जिले में कुत्ते अधिक हमलावर हो गए हैं। इससे कुत्ते काटने के मामले तेजी से बढ़ गए हैं। पिछले एक हफ्ते में 935 से लोग कुत्तों का शिकार बने हैं। मेडिकल कॉलेज के एआरवी कक्ष में प्रतिदिन 100 से अधिक लोग एआरवी की डोज लगवाने पहुंच रहे हैं।
कुत्तों के हमले में सबसे ज्यादा शिकार बच्चे और बुजुर्ग हो रहे हैं। हर दिन करीब 15-20 गंभीर मामले आ रहे हैं, जिनमें गहरे घाव और खून निकलने पर एंटी रेबीज सीरम देना पड़ रहा है। बाकी मरीजों को एंटी रेबीज इंजेक्शन लगाया जा रहा है। बुधवार को भी यूनिट में भारी भीड़ रही। सुनीता ने बताया कि उनकी बच्ची घर के बाहर बैठी थी, तभी पीछे से कुत्ते ने पीठ में काट लिया। सीएमएस डाॅ. अनिल तिवारी ने बताया कि कुत्ते के काटने के 24 घंटे के भीतर इंजेक्शन लगवाना जरूरी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि काटने पर घाव को साबुन-पानी से धोकर तुरंत अस्पताल पहुंचें।
कुत्ता काटने पर इन बातों का रखें ध्यान
- सबसे पहले घाव को धो लें। हल्के गुनगुने पानी और साबुन का प्रयोग करें।
- साफ कपड़े की मदद से रक्तस्त्राव को कम करने की कोशिश करें।
- चिकित्सक की सलाह पर रैबीज का इंजेक्शन लगवाएं।
- कुत्ते के काटने के लक्षणों जैसे लालिमा, सूजन, दर्द और बुखार आदि पर विशेष ध्यान रखें।
- घाव पर मिर्च, तेल, हल्दी नहीं लगाना है।