गोंडा। सरकारी दावों पर भरोसा कर जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों का बुरा हाल है। डॉक्टरों की बेरुखी हर दिन मरीजों व परिजनों का दर्द बढ़ा रही है। डॉक्टर अस्पताल से नदारद रह रहे हैं। वार्ड बॉय व नर्स के सहारे अस्पताल में भर्ती मरीजों का इलाज चल रहा है। वहीं शाम होते ही जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं ढर्रे से उतर जाती हैं। रात में अव्यवस्थाओं का बोलबाला हो जाता है। इमरजेंसी वार्ड में डॉक्टर नदारद रहते तो नर्सों के ड्यूटी कक्ष में ताला लटक जाता है। बीती रात में सरकारी व्यवस्थाओं की पड़ताल करने से सामने आई स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत -
समय- रात 10:00 बजे
18 दिन में सिर्फ दो बार देखने आए हड्डी के डॉक्टर
कटरा बाजार से अपने पत्नी के टूटे हुये पैर का जिला अस्पताल में इलाज करा रहे मिथलेश कुमार ने बताया कि वह पिछले 10 दिसंबर से भर्ती हैं। लेकिन 18 दिनों में हड्डी वाले डॉक्टर विवेक स्वर्णकार सिर्फ दो बार देखने आए हैं। रात में अधिक दर्द होने पर वार्ड बॉय को फोन करके बुलाना पड़ता है। वो दर्द निवारक इंजेक्शन देकर चला जाता है।
समय-रात 10:15 बजे
टूटी खिड़की से आ रही ठंडी हवा, ठिठुरते रहे मरीज
जिला अस्पताल के मेडिकल वार्ड में लगी खिड़कियों के टूटे होने से रात में ठंडी हवा आ रही थी। जिससे भर्ती मरीज व तीमारदार ठिठुरते नजर आए। तीमारदार रुबीना ने बताया कि टूटी खिड़की से पूरी रात ठंडी हवा आती रहती है जिससे मरीजों को परेशानी होती है।
समय- रात 10:20 बजे
रात में वार्डों के पास घूमते रहते जानवर
रात में जिला अस्पताल के वार्डों के आस-पास छुट्टा जानवरों कब्जा हो जाता है। यही नहीं ये जानवर मौका पाते ही वार्डों में घुस जाते हैं । जिससे मरीजों व तीमारदारों को बड़ा नुकसान हो सकता है। रात में इमरजेंसी वार्ड के पास कुत्ते घूमते दिखे तो छुट्टा सांड़ सीढ़ी के सहारे छत पर चढ़ता दिखाई पड़ा।
समय- रात 10:25
एचआईवी संक्रमित मरीज के इलाज में लापरवाही का आरोप
जिला अस्पताल के पुरुष मेडिकल वार्ड में भर्ती शहर के जानकी नगर निवासी राकेश कुमार के भाई स्वामीनाथ ने डॉक्टरों पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि उनका भाई एचआईवी पॉजिटिव है। इसीलिए डॉक्टरों द्वारा उसे नजरअंदाज किया जा रहा है। पांच दिनों से राकेश कुमार का मुंह तक नहीं खुल रहा है। वार्ड बॉय के सहारे इलाज हो रहा है। स्वामीनाथ ने बताया कि उसके डॉक्टरों के बेरुखी की शिकायत मुख्यमंत्री के पोर्टल पर भी की है। यदि जिले का दौरा करने आ रहे मुख्यमंत्री जिला अस्पताल आये तो उसकी लिखित शिकायत करेंगे।
समय- रात 10:30 बजे
बंद रहा उपचारिका ड्यूटी रूम
रात में मरीजों के देखभाल की जिम्मेदारी को नजरअंदाज करते हुए नर्सें कमरा बंद करके अपने घरों को चली गयी। जिससे रात में किसी मरीज को परेशानी होने पर भगवान का ही सहारा लेना पड़ता है। तीमारदारों ने बताया कि रात दस बजे के बाद रोज यहीं हाल रहता है। वार्ड बॉय का अप्रेंटिस छात्रों के सहारे रात में पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था चलती है।
समय- रात 10:35
इमरजेंसी कक्ष में भी दिखा सन्नाटा
रात में करीब साढ़े दस बजे जिला अस्पताल के इमरजेंसी कक्ष में सन्नाटा दिखा। डॉक्टर की कुर्सी खाली दिखी। तथा कोई फार्मासिस्ट या सपोर्टिंग स्टाफ भी नदारद था। पूछने पर पता चला कि डॉक्टर साहब रात में नहीं रहते अन्य कर्मचारी आस-पास कहीं बैठे होंगे
मुख्यमंत्री की आहट से आधी रात को हो रहा रंगरोगन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जिले का दौरा प्रस्तावित होने से सभी विभागों की तरह स्वास्थ्य विभाग भी दीवारों का रंग रोगन कराकर दाग छिपाने में लग गया। आधी रात को आननफानन अस्पताल की रंगाई-पुताई की जा रही थी।
जिला अस्पताल का रात में निरीक्षण किया जाता है। यदि इमरजेंसी ड्यूटी के दौरान कोई डॉक्टर या नर्स अनुपस्थित मिला तो उसके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी
- डॉ. सुरेंद्र कुमार रावत, सीएमएस जिला अस्पताल गोंडा