एआरटीओ ऑफिस में दलालों की दखलंदाजी की शिकायत एवं परिवहन आयुक्त के निर्देश पर डीएम आशुतोष निरंजन ने बुधवार को सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय का आकस्मिक निरीक्षण किया गया।
डीएम के आरटीओ कार्यालय परिसर में पहुंचते ही भगदड़ मच गई, जिससे प्रथम दृष्टया यह प्रतीत हुआ कि भागने वाले लोग दलाल थे और कार्यालय में दलालों के माध्यम से कार्य कराये जाने की प्रवृत्ति बनी हुई है।
डीएम निरंजन मुख्य राजस्व अधिकारी अरुण कुमार शुक्ल व अपर आयुक्त न्यायिक अच्छे लाल के साथ आरटीओ दफ्तर सुबह लगभग साढ़े दस बजे पहुॅचे। दफ्तर पहुंचने पर ज्ञात हुआ कि सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी प्रशासन तथा सहायक सम्भागीय अधिकारी प्रवर्तन दोनों ही उपस्थित नहीं हैं और विभाग के कई कक्षों में ताले लटके हुए हैं।
लगभग 15 मिनट बाद सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रशासन सर्वेश गौतम उपस्थित हो गये और उन्होंने बताया कि सहायक संम्भागीय अधिकारी प्रवर्तन कार्य में क्षेत्र में है।
इसके बाद डीएम द्वारा कर्मचारियों की उपस्थिति पंजिका का निरीक्षण किया गया जिसमें टीएन भट्ट कनिष्ठ सहायक, राम प्रवेश शर्मा कनिष्ठ सहायक तथा अनुराग कनिष्ठ सहायक अनुपस्थित पाये गए।
सहायक सम्भागीय अधिकारी प्रशासन को निर्देशित किया गया कि वह अपने बिलम्ब से आने का कारण स्पष्ट करते हुए लिखित रूप से अवगत करायें तथा अनुपस्थित कर्मचारियों का स्पष्टीकरण लेकर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करें। डीएम ने आरटीओ कार्यालय में दलालों का वर्चस्व होने व अधिकारियों कर्मचारियों की कार्य प्रणाली व शिथिलता सम्बन्धी रिपोर्ट शासन तथा परिवहन आयुक्त उत्तर प्रदेश को भेज दी है।
लाइसेंस के नवीनीकरण में गड़बड़ी मिली। इसी प्रकार नये वाहनों का पंजीकरण के बीच लगने वाले समयावधि में एकरूपता नहीं है। कुछ पंजीकरणों का निस्तारण एक ही दिन में कर दिया गया जबकि कई पंजीकरण अकारण ही लम्बित पड़े हुए हैं।
डीएम ने इस प्रकरण पर एआरटीओ से जवाब तलब किया है कि सभी पंजीकरणों का समयबद्ध तरीके से निस्तारण क्यों नहीं किया गया है। प्रवर्तन कार्य की भी स्थिति संतोसजनक नहीं मिली।
उन्होंने कहा कि सहायक सम्भागीय अधिकारी प्रवर्तन को चाहिए कि वह समय-समय पर पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों के सहयोग से टीम बनाकर प्रभावी प्रवर्तन कार्य करें तथा ओवरलोडेड वाहनो एवं प्रदूषणयुक्त वाहनों के परिचालन में प्रभावी रोक लगाना सुनिश्चित करें।
डीएम ने कार्यालय में दलालो के प्रवेश पर प्रतिबन्ध लगाने के लिए सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी द्वारा कोई भी प्रभावी कार्यवाही न करने पर और न ही कभी इस कार्य के लिए उनके द्वारा पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों का सहयोग न मांगने पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देशित किया गया कि वह कार्यालय में दलालों का प्रवेश पूर्णतया प्रतिबंधित करें।