लोहिया आवासों में आपात्रों को लाभ दिए जाने का मामला ‘अमर उजाला’ में प्रकाशित होने के बाद खुल गया है। गुरुवार को डीएम ने 210 अपात्रों में से जिन 40 लोगों को लोहिया आवास की प्रथम किश्त दी, उन्हें और संबंधित क्षेत्र के खंड विकास अधिकारियों व ग्राम पंचायत अधिकारियाें को नोटिस जारी किया है।
लोहिया आवास के लिए चयनित 2767 लाभार्थियों की पात्रता की जांच जिलाधिकारी के आदेश पर राजस्व अधिकारियों ने की। इसमें 210 लाभार्थी अपात्र पाए गए। ‘अमर उजाला’ ने गुरुवार के अंक में ‘लोहिया आवास में छह करोड़ का घोटाला’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी।
इसे गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी अजय कुमार उपाध्याय ने गुरुवार को विकास भवन में पूरे प्रकरण की छानबीन की। इस दौरान उन्हें ज्ञात हुआ कि अपात्र पाए गए 210 लाभार्थियों में 40 लाभार्थियों को प्रथम किस्त दी गई है। डीएम ने बताया कि आवास के लिए निर्धारित प्रारूप पर आवेदन स्वयं आवेदक द्वारा भरा जाता है।
आवेदक स्वयं गलत सूचना देता है तो प्रथम दृष्टया आवेदक ही दोषी है और साथ ही वह जांच करने वाला अधिकारी भी दोषी होता है जो आवेदक के पक्ष में पात्रता की रिपोर्ट मुख्यालय को भेजता है। दोषियों के पर कार्रवाई करते हुए डीएम ने 40 अपात्रों व संबंधित ग्राम पंचायत अधिकारियों एवं खंड विकास अधिकारियों को नोटिस जारी किया है।
जिलाधिकारी ने जनपद में नई व्यवस्था लागू करने के आदेश दिए हैं, जिसके तहत ग्राम पंचायत के प्रस्ताव एवं खंड विकास अधिकारी की सत्यापन रिपोर्ट के उपरांत मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय को लाभार्थियों की उपलब्ध कराई गई।
जिलाधिकारी ने कहा है कि यदि किसी भी अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में हो तो शिकायतकर्ता शपथपत्र के साथ निर्धारित समयावधि के भीतर आपत्ति प्रस्तुत करें। यदि आवेदन अपात्रता की श्रेणी में पाया जाएगा तो आवेदन निरस्त कर दिया जाएगा।
इस प्रकार अब प्राप्त आवेदनों का गहन परीक्षण करने के बाद ही सूची स्वीकृत के लिए डीआरडीए गवर्निंग बाडी के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी। जिलाधिकारी ने जनपद में यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू करने के आदेश दिए हैं।