तरबगंज (गोंडा)। वजीरगंज गोदाम पर क्षेत्रीय विपणन अधिकारी की जांच में अनियमितता मिलने पर डीएम ने जिलापूर्ति अधिकारी और उप जिलाधिकारी तरबगंज को कथित घोटाले की जांच का जिम्मा सौंपा है। इस बाबत ‘अमर उजाला’ ने ‘तरबगंज में फिर तैयार हो रही लाखों के अनाज घोटाले की जमीन’ समाचार प्रकाशित किया था।
कोविड-19 के दौरान वजीरगंज ब्लॉक के कुछ कोटेदारों ने मिली भगत कर हजारों कुंतल अनाज का वारा न्यारा कर दिया। आपदा में हुए इस भ्रष्टाचार की पूरी खबर ‘अमर उजाला’ ने प्रकाशित की थी। वहीं पूर्व में हुई जांच में विभागीय अधिकारियों ने लीपापोती कर दी थी।
खबर का संज्ञान लेते हुए क्षेत्रीय विपणन अधिकारी राघवेंद्र सिंह ने वजीरगंज गोदाम की जांच में ना केवल बड़े पैमाने पर अनियमितता पकड़ी, बल्कि गोदाम प्रभारी के स्थानांतरण की संस्तुति भी कर दी है। अब जिलाधिकारी ने जांच के लिए टीम गठित की है।
उपजिलाधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि टीम में जिलापूर्ति अधिकारी तथा उन्हें शामिल किया गया है। क्षेत्रीय विपणन अधिकारी द्वारा की गई जांच में हजरतपुर के कोटेदार धर्मचंद ओझा पूरेडाढू के आत्मप्रकाश, खीरीडीह की उषा देवी तथा हरिहरपुर के कोटेदार सावित्री देवी के अभिलेखों में व्यापक पैमाने पर हेराफेरी कर अतिरिक्त अनाज उठाने की पुष्टि हुई है।
अक्तूबर 2020 के निर्गमन और आगमन रजिस्टर में बड़े पैमाने पर सफेदा लगाकर हेराफेरी का मामला भी सामने आया। इसी महीने में कोटेदार धर्मचंद ओझा के रजिस्टर में गेहूं 27 .33 कुंतल तथा चावल 18. 22 कुंतल चढ़ाया गया है, जबकि गोदाम से निर्गमन रजिस्टर में गेहूं 42.78 तथा चावल 28.52 कुंतल आहरित किया गया है।
गोदाम पर उपलब्ध ई-चालान में यही मात्रा दर्ज है। इसी तरह अन्य तीन कोटेदारों पूरेडाढू के आत्म प्रकाश, खीरीडीह की उषा देवी, हरिहरपुर की सावित्री देवी के स्टॉक रजिस्टर और गोदाम से निकले खाद्यान्न की मात्रा में अंतर मिला, वहीं चालान भी संदिग्ध है।
जांच कर चुके क्षेत्रीय विपणन अधिकारी राघवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि पूरी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजते हुए यहां तैनात विपणन निरीक्षक कमलेश चंद के स्थानांतरण की सिफारिश की है। गोदाम पर अभिलेख भी अपूर्ण पाए गए हैं।
ऐसा तब हुआ है जब गोदाम का प्रतिमाह सत्यापन स्वयं उपजिलाधिकारी करते हैं। वहीं वितरण का निरीक्षण पूर्ति निरीक्षक अतुल कुमार के पास हैं। फिलहाल पूर्व में कराई गई जांच में विभागीय अधिकारियों ने पूरे प्रकरण में लीपापोती कर दी थी।
जिसके बाद अब जिलाधिकारी ने प्रकरण को संज्ञान में लेते हुए जिलापूर्ति अधिकारी और एसडीम तरबगंज की टीम को जांच का जिम्मा सौंपा है। जिसकी पुष्टि एसडीएम तरबगंज राजेश कुमार ने की है।