फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अस्पताल में गंदगी देख भड़के डीएम

Sat, 02 Jan 2016 11:47 PM IST
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
महिला अस्पताल में जगह-जगह लगे गंदगी के ढेर और बेतरतीब खड़ी गाड़ियों को देख जिलाधिकारी का गुस्सा इतना बढ़ गया कि उन्होंने वहीं पर सीएमएस की क्लास लेनी शुरू कर दी। करीब आधे घंटे तक चले औचक निरीक्षण में जिलाधिकारी ने सीएमएस को एक साथ कई काम गिना डाले, जिनको हफ्ते भर में कैसे पूरा किया जाए, इसे लेकर अस्पताल प्रशासन परेशान है। इन कामों में एक काम महिला अस्पताल के मुख्य गेट पर पर्चा काउंटर बनाने का भी है।
विज्ञापन


दिसंबर में मुख्य सचिव का औचक निरीक्षण कार्यक्रम टल जाने के बाद अब सारे जिला व मंडल स्तरीय अधिकारियों की निगाहें मुख्य सचिव के 11 जनवरी के होने वाले निरीक्षण पर टिक गई हैं।

इसके लिए अधिकारी औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाएं चाक-चौबंद करने में जुट गए हैं। शनिवार को इसी के मद्देनजर डीएम अजय कुमार उपाध्याय जब महिला अस्पताल पहुंचे तो उन्हें अस्पताल के मुख्य गेट पर गंदगी दिखी। जबकि अस्पताल के भीतर प्रवेश करने पर उन्हें जगह-जगह महिलाओं की लाइन लगी दिखाई दी।
विज्ञापन


इससे नाराज डीएम ने गाड़ी से उतरते ही सीएमएस डॉ. अनिल कुमार सिंह की क्लास लेनी शुरू कर दी और उन्हें एक हफ्ते में अस्पताल के मुख्य गेट पर पर्चा काउंटर बनाने को कहा।

आधे घंटे तक चले निरीक्षण में उन्होंने अस्पताल आने वाले मरीजों व तीमारदारों के साथ ही अस्पताल के स्टाफ के लिए लिए अलग से पार्किंग व्यवस्था करने, सिटीजन चार्टर के साथ ही रजिस्टर में शिकायतकर्ताओं के मोबाइल नंबर अंकित रखने के निर्देश दिए।

अस्पताल परिसर में लगे नल को तत्काल ठीक कराने के अलावा उन्होंने रैन बसेरे की व्यवस्था भी सुदृढ़ किए जाने के निर्देश दिए हैं। वहीं अस्पताल की नालियों को ठीक कराने के निर्देश उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट को दिए।

इसके साथ ही उन्होंने रोगियों का रजिस्ट्रेशन टोकन प्रणाली तथा चिकित्सकों को रोगियों का इलाज टोकन नंबर के आधार पर करने की व्यवस्था शुरू करने का भी निर्देश दिया।

नियमित टीकाकरण तथा जननी सुरक्षा योजना में बेहद खराब स्थिति पर भी डीएम ने सीएमएस को निर्देश दिए हैं कि अस्पताल में आने वाली ऐसी प्रसूताएं, जिनका खाता नंबर न होने के कारण उन्हें जननी सुरक्षा योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है, उनका ब्यौरा प्रतिदिन उपलब्ध कराया जाए।

डीएम ने चेतावनी दी है कि अब से अस्पताल परिसर में सिर्फ  उन्हीं आशा बहुओं की एंट्री होगी, जो सीएमएस की ओर से जारी फोटोयुक्त पहचान पत्र अपने साथ लेकर आएंगी।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें