गोंडा। जिला महिला अस्पताल में प्रसव पीड़ा से तड़प रही दिव्यांग महिला का आला अफसरों की दखल पर 36 घंटे बाद बुधवार देर रात ऑपरेशन किया गया। वहीं, पांच हजार मांगने और नहीं देने पर ओटी से भगाने के आरोपों की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की गई है।
आशा सुगंधा देवी ने मंगलवार को अस्पताल की सीएमएस को शिकायती पत्र देकर बताया था कि शहर के फोरविसगंज निवासी दिव्यांग गर्भवती रुकसाना बेगम को 31 जुलाई की सुबह 10 बजे उसने महिला अस्पताल में भर्ती कराया था। उसी दिन ऑपरेशन होना था मगर ओटी में ले जाकर फिर बाहर कर दिया गया। मंगलवार को ही ऑपरेशन के लिए पांच हजार रुपये की मांग की गई। मामले की शिकायत अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. एचडी अग्रवाल व सीएमएस डॉ. शालू महेश से होने पर आनन-फानन देर रात तकरीबन दस बजे ऑपरेशन कर सुरक्षित प्रसव कराया गया। दिव्यांग महिला ने बेटे को जन्म दिया। वहीं, आरोपों की जांच के लिए चिकित्साधिकारी डॉ. अमित त्रिपाठी, हॉस्पिटल क्वालिटी मैनेजर डॉ. वेदप्रकाश चौधरी व मैट्रन अनीता गुप्ता की तीन सदस्यीय टीम गठित की गई है।